Sheopur News: ग्रामीणों की मांग के बाद 30 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क, गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने से उखड़ा डामर
एक तो सड़क निर्माण कछुआ गति से हुआ है, ऊपर से कार्य में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनी श्योपुर-ढोढर चंबल केनाल रोड ...और पढ़ें
By Anurag MishraEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 08 Sep 2023 04:45:23 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 Sep 2023 04:46:49 PM (IST)
ग्रामीणों की मांग के बाद 30 करोड़ की लागत से बनी थी सड़क।श्योपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक तो सड़क निर्माण कछुआ गति से हुआ है, ऊपर से कार्य में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनी श्योपुर-ढोढर चंबल केनाल रोड कई जगह से धंस गई है। रोड पर जगह-जगह डामर भी उखड़ा नजर आ रहा है। अफसर अभी पूर्णता प्रमाणपत्र जारी नहीं होने की बात कह रहे हैं।
श्योपुर सहित मानपुर और ढोढर क्षेत्र के आधा सैकड़ा से अधिक गांवों के ग्रामीणों की लंबी मांग के बाद वर्ष 2017-18 के वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के फेज-2 में श्योपुर से लेकर ढोढर तक 31 किलोमीटर की चंबल नहर रोड स्वीकृत हुई। लगभग 30 करोड़ रुपए के आसपास की लागत से बनने वाले इस सड़क के लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद 15 मार्च 2018 को संबंधित ठेकेदार को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिए, लेकिन लगभग 5 साल में जाकर सड़क कंपलीट हुई। हालांकि अभी भी कई जगह अधूरी है।
धंसकने से हुए गड्ढे, डामर भी उखड़ा
श्योपुर से ढोढर के बीच बनी चंबल केनाल रोड में कई स्थानों पर सड़क धंसक गई है, जिससे सड़क में दरारें और गड्ढे पड़ हुए नजर आ रहे हैं। यही नहीं कई स्थानों पर सड़क पर उखड़ा पड़ा डामर सड़क निर्माण में गुणवत्ता की पोल खोलने के लिए काफी है। सड़क में कई जगह साइडें कट गई हैं, जिसके कारण हादसे होने की संभावना बन रही है।
इन गांवों की जीवन रेखा है ये सड़क
श्योपुर से ढोढर तक की 31 किलोमीटर की सडक़ श्योपुर शहर के साथ ही सलापुरा, बर्धा, कलारना, ढेंगदा, अजनोई, झरेर, डाबली, हीरापुरा, गिरधरपुर, क्यारपुरा, तिल्लीडेरा, सेमल्दा, फूलदा, लाडपुरा, दुर्गापुरी, बगदिया, ढोढर आदि सहित लगभग आधा सैकड़ा गांवों की जीवन रेखा है।