
नईदुनिया न्यूज, श्योपुर। जिले के सरकारी स्कूलों के हालात सुधारे नहीं सुधर रहे। स्थिति यह है कि कहीं ड्यूटी के समय शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल का माहौल बिगाड़ रहे हैं तो कहीं शिक्षिका ड्यूटी के नाम पर मोबाइल पर टाइमपास करती नजर आ रही हैं। कई स्कूलों पर तो ताले ही लगे रहते हैं और मास्साब स्कूल में नेटवर्क की समस्या का फायदा उठाकर घर बैठे हाजिरी लगा देते हैं। इन मामलों की चर्चा अभी थमी नहीं थी, इतने में एक स्वसहायिता समूह की महिला ने हैडमास्टर की चप्पल से पिटाई लगा दी।
एक और स्कूल में शिक्षक ड्यूटी के नाम पर स्कूल में दरी बिछाकर नींद लेते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों मामलों का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पहला मामला शासकीय माध्यमिक उर्दू गांधी विद्यालय का है जहां मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर चल रहा विवाद अब मारपीट तक पहुंच गया। बताया गया है कि, विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलजीत सिंह सिसोदिया के साथ स्कूल में मध्यान्ह भोजन देने वाले समूह की महिला अध्यक्ष नशीर बानो द्वारा चप्पल से मारपीट कर दी। शुक्रवार को पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
वीडियो में महिला प्रधानाध्यापक को चप्पल से मारती हुई दिखाई दे रही है। विद्यालय में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। प्रधानाध्यापक ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद समूह का संचालन करने वाली महिला ने वीडियो बनाकर प्रधानाध्यापक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।
मध्यान्ह भोजन को लेकर पहले से शिकायतें होने के बावजूद समय रहते विभागीय स्तर पर मामले का निराकरण नहीं किया गया। यदि शिकायतों की जांच कर दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान कराया जाता तो मामला मारपीट तक पहुंचने से रोका जा सकता था। अब घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बच्चों को पढाने के बजाए दरी बिछाकर चैन की नींद ले रहे मास्साब जिले के सोंठवा शासकीय माध्यमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, वीडियो में ड्यूटी समय में एक स्कूल के प्रभारी लज्जाराम शर्मा दरी बिछाकर आराम से सोते हुए नजर आ रहे हैं।
बच्चों को पढाने के बजाए स्कूल में नीद लेने वाले शिक्षक ने सरकारी स्कूल में बच्चों की दी जानी वाली शिक्षा पर ही सवाल उठा दिए हैं। यहां बता दें कि, इससे पहले टर्राकलां संकुल क्षेत्र के एक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक ड्यूटी समय में शराब के नशे में धुत्त मिला था, स्कूल के निरीक्षण के दौरान एसडीएम गगनसिंह मीणा को शिक्षिका और उसका पति ड्यूटी समय में मोबाइल चलाते हुए मिले थे। ज्यादातर विद्यालयों पर शिक्षक देरी से ही पहुंचते हैं।
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स्कूलों की मानीटरिंग में फेल नजर आ रहे जिला शिक्षा अधिकारी जिले के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की है। लेकिन लगातार सामने आ रहे वीडियो और शिकायतों के बीच सवाल उठ रहा है कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण आखिर कितना हो रहा है। स्कूलों के हालातों से साफ जाहिर है कि जिला शिक्षा अधिकारी धरातल पर मानटरिंग करने के बजाए कार्यालय में बैठकर जिलेभर की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
यही वजह है कि स्कूलों में इस तरह की अव्यवस्थाऐं स्कूल से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच गई हैं, जो वहुप्रसारित हो रही है। वर्जन:जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन को उनके मोबाइल नंबर 8839737004 पर दो बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने अपना फोन रिसीव नहीं किया।