कूनो से निकलकर मानपुर के बालापुरा और काशीपुर में पहुंचे दो चीते, कुत्ते के साथ ग्रामीण भी लगे पीछे
Cheetah in MP: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में दो चीते देखे गए हैं, जिन्होंने कूनो नेशनल पार्क से निकलकर बालापुरा और काशीपुर गांवों में प्रवेश किया है ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 10 Aug 2025 11:47:31 AM (IST)Updated Date: Sun, 10 Aug 2025 12:01:54 PM (IST)
चीतों के वायरल वीडियो में एक कुत्ता और कुछ ग्रामीण उनके पीछे जाते नजर आ रहे हैं।HighLights
- चीतों के पीछे भागते एक कुत्ते का वीडियो हुआ वायरल।
- इसमें ग्रामीण भी डंडा लेकर चीतों के पीछे जाते नजर आए।
- चीता मित्र ग्रामीणों को उनसे दूर रहने को कह रहे हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। मानपुर क्षेत्र के बालापुरा और काशीपुर गांवों में दो जंगली चीते खेतों, पगडंडियों और गांव की सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी भी चीते नहीं देखे गए थे। वायरल हुए वीडियो में चीतों के पीछे एक कुत्ता और ग्रामीण हाथ में डंडा लिए नजर आ रहे हैं।
जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘चीता मित्र’ गांवों में पहुंच गए हैं। चीता मित्र लगातार निगरानी कर रहे हैं और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों चीतों की लोकेशन पर ड्रोन और बीट गार्ड्स के जरिए नजर रखी जा रही है। यदि वे लंबे समय तक गांवों में ठहरते हैं, तो उन्हें सुरक्षित तरीके से वापस कूनो नेशनल पार्क के क्षेत्र में भेजा जाएगा।
![naidunia_image]()
ग्रामीणों से अपील चीतों से दूर रहें
ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए वन विभाग विशेष टीम तैनात करे। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि कोई भी व्यक्ति चीतों के पास न जाए और न ही उन्हें फोटो खींचने के लिए उकसाए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है।
इसके पहले चीतों का एक वीडियो सामने आया था जिसमें वो बंधी हुई गाय के सामने ही उसके बछड़े का शिकार कर लेते हैं। वह कुछ देर तक वहीं रुककर उसे खाते हुए नजर आते हैं।
चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो नेशनल पार्क में लाए गए चीते कई बार पार्क की सीमाओं को लांघकर गांवों में पहुंचे हैं। अब उनके किसी गांव में पहुंचाना आम हो गया है, लेकिन चीता मित्र लगातार उन पर निगाह रखकर ग्रामीणों को उनके लिए सतर्क करते रहते हैं।