
Vulture in Sheopur नईदुनिया प्रतिनिधि, श्योपुर। कभी विलुप्त होने की कगार पर पहुंचा शिकारी पक्षी गिद्ध अब पिछले कुछ सालों से फिर संरक्षित होता नजर आ रहा है। श्योपुर जिले में तो गिद्धों का कुनबा बीते दो सालों में बढ़ गया है। यही वजह है कि बीते रोज हुई राज्यव्यापी गिद्ध गणना में जिले के दोनों डिवीजन में आने वाले जंगल मेंं तीन दिन से चल रही गिद्धों की गणना रविवार को पूरी हो गई है।
रविवार की सुबह जंगल में गिद्धों की गणना करने के लिए पहुंची वन विभाग की टीम को सामान्य वन मंडल के जंगल में 100 से ज्यादा गिद्ध मिले है। वहीं कूनो वन मंडल के जंगल में 400 से ज्यादा गिद्ध दिखे है। वन विभाग के अफसरों ने तीन दिन चली गिद्ध गणनों के दौरान अलग-अलग दिन मिले गिद्धों की संख्या के आंकडे एकत्रित करके भोपाल भेज दिए गए है।

यहां बता दें कि गिद्धों की प्रदेश स्तरीय गणना 16 फरवरी से शुरू हुई है। इसके तहत श्योपुर जिले के जंगल में भी गिद्धों की गणना के लिए तीन दिन से वन विभाग की टीमे सर्वे करने के लिए पहुंच रही है। कूनो वन मंडल के अधीन आने वाले जंगल में कूनो वन मंडल की टीमे शुक्रवार की तरह शनिवार और रविवार को भी निर्धारित क्षेत्रों में गिद्धों की गणना के लिए पहुंची।
कूनो वन मंडल की टीमों को पहले दिन 250 गिद्ध मिले। जबकि शनिवार और रविवार को 400 से ज्यादा गिद्ध मिले है। गणना के दौरान मिली गिद्धों की संख्या को देखकर कूनो वन मंडल का अमला उत्साहित है। क्योंकि इस बार गणना के दौरान पिछली बार की गणना के मुकाबले अधिक गिद्ध मिले है।
वर्ष 2021 में हुई गिद्ध गणना के दौरान कूनो के जंगल में 335 गिद्ध मिले थे। जबकि सामान्य वन मंडल का अमला मायूस दिख रहा है। क्योंकि सामान्य वन मंडल की टीम को गणना के दौरान 100 के आसपास की गिद्ध मिले है। हालांकि पहले दिन की गणना के दौरान सामान्य वन मंडल की टीम को 90 के आसपास गिद्ध मिले थे, लेकिन शनिवार और रविवार को 100 से ज्याद गिद्ध दिखे है। जबकि वर्ष 2021 में हुई गणना के दौरान सामान्य वन मंडल के जंगल में 290 के आसपास गिद्ध मिले थे।
गिद्धों की प्रजाति को बचाने के लिए सरकार ने पशुओं को दी जाने वाली डायक्लाफेनक दवा पर प्रतिबंध लगाया, जिसके बाद गिद्धों की संख्या बढऩे लगी है। लेकिन श्योपुर जिले में गिद्धों की अधिक वृद्धि का कारण यह है कि यहां बेहतर वनक्षेत्र तो है ही, साथ ही मवेशियों की संख्या भी काफी ज्यादा है। जिसके चलते गिद्धों को भेाजन के रूप में वनक्षेत्र में मृत मवेशी मिल जाते हैं। विशेष बात यह है कि श्योपुर जिले में गिद्धों की चार प्रजातियां मिली हैं।
जिले के जंगल में गिद्धों की गणना पूरी हो गई है। गणना के तीनों दिनों के दौरान मिले गिद्धों की संख्या एकत्रित करके भोपाल भेज दी गई है। भोपाल स्तर से गिद्धों के फाइनल आंकडे जारी किए जाएंगे। जिले में गिद्धों का कुनबा मिलना अच्छे संकेत हैं। यहां उनके लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध है इसलिए जिले में गिद्धों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। -आर थिरूकुरल डीएफओ, कूनो वन मंडल, श्योपुर