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निलंबन के बाद भी प्रभारी जेडी ने किए प्रमोशन और करोड़ों के बिल पास, लोकायुक्त में 54 पन्नों की शिकायत के बाद बैठी जांच

यह शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता और राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष माखन सिंह धाकड़ ने 54 पन्नों के शपथ-पत्र और 57 नगरीय निकायों के बिलो...और पढ़ें

By Devendra SamadhiyaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 07:32:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 07:32:42 PM (IST)
निलंबन के बाद भी प्रभारी जेडी ने किए प्रमोशन और करोड़ों के बिल पास, लोकायुक्त में 54 पन्नों की शिकायत के बाद बैठी जांच
लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा शिकायतकर्ता।

HighLights

  1. निलंबन के बाद भी बैक डेट में प्रमोशन व पेमेंट
  2. घिरे पूर्व प्रभारी संयुक्त संचालक अमरसत्य गुप्ता
  3. 54 पन्नों की शिकायत के बाद लोकायुक्त में हड़कंप

नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी/बैराड़। ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक अमरसत्य गुप्ता को सात सितंबर को निलंबित कर भोपाल अटैच किया गया, लेकिन इसके बाद भी ही उन्होंने बैक डेट में प्रमोशन, समयमान वेतनमान और करोड़ों के बिलों का भुगतान कर दिया।

यह शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता और राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के जिला अध्यक्ष माखन सिंह धाकड़ ने 54 पन्नों के शपथ-पत्र और 57 नगरीय निकायों के बिलों के साथ लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई है।

चार सदस्यीय जांच समिति गठित

इसके बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति के अध्यक्ष उप संचालक देवेंद्र कुमार व्यास होंगे। सदस्य के रूप में वित्तीय प्रबंधक अभिषेक रघुवंशी, कार्यपालन यंत्री अभिषेक भदौरिया और सहायक संचालक जबर सिंह कुशवाहा रहेंगे। समिति को 15 दिन में बिंदुवार तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है।


निर्माण घोटाले की जांच दबाने पर हुआ था निलंबन

अमरसत्य गुप्ता पर आरोप था कि उन्होंने भिंड नगरपालिका के निर्माण घोटाले की जांच पांच माह तक दबाए रखी। इसके अलावा छः विभागीय जांच, 15 लोकायुक्त प्रकरण और हाईकोर्ट की अवमानना याचिकाओं पर जवाब नहीं दिया। इसी पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था।

नियम विरुद्ध दिया गया था 7600 ग्रेड का प्रभार

शिकायत में कहा गया है कि गुप्ता मूल रूप से ‘ख’ श्रेणी के 5400 पे-ग्रेड के अधिकारी हैं। ट्रांसफर नीति 2025 की कंडिका 51 और 2026 की कंडिका 41 व 52 का उल्लंघन कर 16 जून 2026 को उन्हें 7600 पे-ग्रेड वाले संयुक्त संचालक का प्रभार दे दिया गया, जबकि उन पर सीहोर, नर्मदापुरम और मुरैना में वित्तीय भ्रष्टाचार की तीन जांचें पहले से पेंडिंग थीं।

26 नवंबर 2025 से 15 जून 2026 तक बिना विधिवत प्रभार के ही डीडीओ पावर का उपयोग और चेकर आईडी के लिए नियुक्त सहायक लेखाधिकारी पूजा महकाली को चार्ज नहीं देने का भी आरोप है।

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शिकायत में यह भी है उल्लेख

  • फूप नप में एससी के लिए आरक्षित पद पर नीतेश भारद्वाज को तो दतिया के मृतक कर्मचारी के बेटे अंश ठाकुर को अधिकार क्षेत्र से बाहर इंदरगढ़ में अनुकंपा नियुक्ति दे दी गई।गोरमी में 31 जुलाई 2026 को रिटायर हुए उपयंत्री सुरेंद्र श्रीवास्तव को एक सितंबर को ही नियम विरुद्ध संविदा पर रख लिया गया।
  • सबलगढ़ में बिना पद खाली हुए राघवेंद्र जादौन को प्रमोट कर भोपाल से आई जांच फाइल दबा दी गई। सबलगढ़ व चाचौड़ा में एससी/एसटी के पदों पर सामान्य वर्ग और स्टे पाए ओबीसी कर्मचारी माखन सिंह मीणा को एसटी पद पर प्रमोशन दे दिया गया।
  • सहायक संचालक रीता कैलाशिया ने भितरवार नपा प्रभार के दौरान बिना टेंडर पुराना भवन डिस्मेंटल करा दिया और संयुक्त संचालक की सील का अनाधिकृत इस्तेमाल कर दागी अधिकारियों को एनओसी और समयमान बांट दिए।
  • 29 दिसंबर 1991 को शिवपुरी विकास प्राधिकरण में महज 89 दिन के लिए तदर्थ लिपिक लगे राघवेंद्र श्रीवास्तव को नियम विरुद्ध डीपीसी कराकर सीधे नियमित लेखापाल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया।