
नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी। जिले का 10वीं बोर्ड का रिजल्ट सुधारना है तो सबसे पहले उन बच्चों पर मेहनत करनी होगी जो त्रैमासिक परीक्षा में डी और ई ग्रेड में आए हैं। इसी सोच के साथ लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के निर्देश पर शिवपुरी जिले में मिशन बोर्ड रिजल्ट की कवायद शुरू हो गई है।
सोमवार से शहर के उत्कृष्ट विद्यालय और शासकीय उमावि क्रमांक-2 में तीन दिवसीय विषयवार प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। पहले दिन अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान पढ़ाने वाले 348 शिक्षकों को बुलाया गया। प्रशिक्षण में अंग्रेजी के 170 और सामाजिक विज्ञान के 178 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए। प्रशिक्षण शिविर के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव, रमसा के एडीपीसी राजाबाबू आर्य, एपीसी फराज पठान, जावेद कुरैशी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण का सबसे बड़ा फोकस जटिल को सरल कैसे बनाएं पर रहा। रमसा एडीपीसी राजाबाबू आर्य ने बताया, हर साल वही बच्चे रिजल्ट बिगाड़ते हैं जो डी और ई ग्रेड में रहते हैं। इस बार समग्र शिक्षा अभियान के तहत हर माह प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर उन्हें ही टारगेट कर पढ़ाने की तकनीक बता रहे हैं।
अंग्रेजी विषय में मास्टर ट्रेनर पंकज मिश्रा और रवि बाथम ने बताया कि बोर्ड के ब्लू प्रिंट के हिसाब से कौन से प्रश्न हर साल रिपीट होते हैं, कमजोर बच्चों को ग्रामर के बजाय ट्रांसलेशन और लेटर-एप्लीकेशन से कैसे पास कराया जाए। वहीं सामाजिक विज्ञान में मास्टर ट्रेनर दिलीप विश्वकर्मा और विजय शर्मा ने बताया कि इतिहास की तारीखें और भूगोल के मानचित्र को ट्रिक से कैसे याद कराया जाए ताकि डी ग्रेड वाला बच्चा भी कम से कम 33 नंबर ले आए। सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक चली क्लास में शिक्षकों को ब्लू प्रिंट, माडल उत्तर और चैप्टर वाइज वेटेज समझाया गया।
यह कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। एडीपीसी आर्य के मुताबिक अगस्त से जनवरी तक हर महीने 3 दिन का प्रशिक्षण होगा। जिले के 220 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के सभी विषय शिक्षकों को बारी-बारी बुलाया जाएगा। इसी क्रम में मंगलवार को दूसरे दिन विज्ञान और हिंदी विषय के शिक्षकों का प्रशिक्षण होगा।यह भी पढ़ें- एमपी को रेलवे का तोहफा... पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन अब हफ्ते में चलेगी 5 दिन, आदेश जारी