नगर पालिका में कागजों तक सीमित रहे निर्माण कार्य, तीन सीएमओ निलंबित
शिवपुरी नगर पालिका में पिछले ढाई महीने से चल रहे विवाद और शिकायतों की जांच के बाद नगर प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला से करवाई गई ।
Publish Date: Sat, 30 Aug 2025 04:25:15 AM (IST)
Updated Date: Sat, 30 Aug 2025 04:25:15 AM (IST)
नगर पालिका में कागजों तक सीमित रहे निर्माण कार्य, तीन सीएमओ निलंबितHighLights
- शिकायतों की जांच के बाद नगर प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की
- पीआईसी एवं परिषद् बैठक के प्रोसेडिंग रजिस्टर सीएमओ ने अध्यक्ष के निवास पर भेजे
शिवपुरी (नईदुनिया प्रतिनिधि): शिवपुरी नगर पालिका में पिछले ढाई महीने से चल रहे विवाद और शिकायतों की जांच के बाद नगर प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी द्वारा एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला से करवाई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संकित भोंडवे ने वर्तमान सीएमओ इशांक धाकड़ के अलावा पूर्व सीएमओ डा. केशव सगर और शैलेष अवस्थी को निलंबित कर दिया है।
बड़ी वजहें
जन कारणों से तीनों सीएमओ निलंबित किए गए, उनमें प्रमुख हैं-
नगर पालिका में वर्ष 2022 से अब तक 57.80 करोड़ रुपये के 743 कार्य या तो शुरू ही नहीं हुए या धरातल पर अपूर्ण हैं, कई पूर्ण कार्यों में ठेकेदारों को उनके बिल मिलने के बावजूद 4 से 8 महीने तक भुगतान नहीं किया गया, जबकि कुछ मामलों में 1-2 माह में भुगतान किया गया। कुल 11.47 करोड़ रुपये के भुगतान में से 5.09 करोड़ केवल दो फर्मों को दिए गए, जिससे अन्य निविदाकारों की शिकायतें हुईं।
अन्य गंभीर अनियमितताएँ
- कार्यालय में पारदर्शिता और प्रबंधन में कमी, कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं।
- फाइलों का मूवमेंट ट्रैक नहीं हो पा रहा, पार्षदों ने शिकायत की।
- पीआईसी बैठक में बजट और नगरपालिका की वित्तीय स्थिति को नजरअंदाज कर करोड़ों के प्रस्ताव पास किए गए।
- कैशबुक अवलोकन में एक ही फर्म को बार-बार भुगतान, ई-टेंडर के माध्यम से खरीद की बजाय।
- नामांतरण प्रकरण और भवन निर्माण स्वीकृति प्रकरण समय पर निपटाए नहीं गए। 520 नामांतरण प्रकरण लंबित, 290 एजेंडे में शामिल नहीं।
- भवन निर्माण पोर्टल पर 55 प्रकरण समय सीमा से बाहर, जिनमें 16 सीएमओ की आईडी पर लंबित।
- कैशबुक के कई पृष्ठों पर सीएमओ के हस्ताक्षर नहीं, 2025-26 की कैशबुक नियमों के अनुसार नहीं।
- पीआईसी एवं परिषद् बैठक के प्रोसेडिंग रजिस्टर सीएमओ ने अध्यक्ष के निवास पर भेजे।
- 45 निर्माण कार्यों की जानकारी दी गई, लेकिन फाइलें उपलब्ध नहीं कराईं।
- इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि नगर पालिका में कागजों में विकास कार्य
- अनियमित भुगतान की शिकायतें सही थीं और प्रशासन ने गंभीरता से कदम उठाया।
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