नईदुनिया प्रतिनिधि, शिवपुरी (Silent Heart Attack Case): शहर के फिजिकल थाना अंतर्गत इंद्रा कॉलोनी में रहने वाले 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। घटना से कुछ देर पहले ही बेडमिंटन खेलकर घर आया था। खाना खाते समय घबराहट हुई। स्वजन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना का कारण साइलेंट अटैक (Silent Heart Attack) बताया गया है, हालांकि स्वजन का कहना है पहले उसे कभी कोई दिक्कत नहीं हुई थी। कम उम्र में साइलेंट हार्ट अटैक की चर्चा पूरे शहर में हो रही है।
इंद्रा कॉलोनी निवासी जयदीप राठौर के चाचा सचिन राठौर ने बताया कि उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक प्रयास किया, लेकिन उसकी सांसें नहीं लौट सकीं। जयदीप 10वीं का छात्र था।
युवा बच्चों की लगातार संदिग्ध मौतों के बढ़ते मामलों या यूं कहें कि साइलेंट अटैक के बढ़ते मामलों को लेकर जब मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. दिनेश राजपूत से बात की गई तो उनका कहना था कि यह हार्ट अटैक नहीं, बल्कि एचओसीएम (हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी) है।
यह हृदय की रक्त वाहिकाओं का विकार है। इसमें निलयों (हृदय के दो निचले कक्ष) की दीवारें मोटी और कड़ी हो जाती है। डॉ राजपूत के अनुसार, इसमें बच्चा जब ज्यादा मेहनत जैसे रनिंग, एक्सरसाइज आदि करता है तो उसके हार्ट को ज्यादा खून की आवश्यकता होती है, लेकिन उक्त विकार के कारण हृदय को पर्याप्त मात्रा में खून नहीं मिल पाता है और यह हालात निर्मित हो जाते हैं।
डॉक्टर राजपूत बताते हैं कि एचओसीएम नामक विकार युवाओं में पाया जाता है। हार्ट अटैक में तो मरीज को उपचार का मौका मिल जाता है, लेकिन एचओसीएम में अचानक से तबीयत खराब होती है और ज्यादातर लोगों की मृत्यु हो जाती है।
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