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टीकमगढ़ में भ्रष्टाचार पर वार, दो तहसीलों के बाबू रिश्वतखोरी को लेकर निलंबित, फर्जीवाड़े को लेकर गिरी गाज

टीकमगढ़ जिले के राजस्व कार्यालयों में रिश्वतखोरी, फर्जीवाड़े और आम जनता के साथ बदसलूकी की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है।

By Manish AsatiEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 12:56:50 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 12:59:04 PM (IST)
टीकमगढ़ में भ्रष्टाचार पर वार, दो तहसीलों के बाबू रिश्वतखोरी को लेकर निलंबित, फर्जीवाड़े को लेकर गिरी गाज
फोटो-एआई जनरेटेड

HighLights

  1. भ्रष्टाचार को लेकर दो तहसीलों के बाबू निलंबित
  2. रिश्वतखोरी और फर्जीवाड़े को लेकर गिरी गाज
  3. प्रशासन ने अलग-अलग मामलों में पाया दोषी

नईदुनिया प्रतिनिधि, टीकमगढ़। राजस्व कार्यालयों में रिश्वतखोरी, फर्जीवाड़े और आम जनता के साथ बदसलूकी की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने दो अलग-अलग मामलों में गंभीर कदाचरण और अनुशासनहीनता के दोषी पाए गए तहसील कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

इस बड़ी कार्रवाई से जिले के राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया है। पहला मामला जतारा तहसील का है, जहां पदस्थ सहायक वर्ग-3 महेश कुमार तिवारी पर अपील प्रकरणों के आदेशों की संदिग्ध सत्य प्रतिलिपियां जारी करने, आमजनों से धक्का-मुक्की करने और पैसों के लेन-देन के आरोप साबित हुए हैं।


वीडियो भी हुई थी वायरल

जांच में पाया गया कि बाबू द्वारा जारी कई आदेशों का विवरण राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली में दर्ज ही नहीं था और दस्तावेजों पर मिलान हस्ताक्षर भी गायब थे। इन फर्जी प्रतिलिपियों को निरस्त कर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

इसके अतिरिक्त इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुए वीडियो में महेश तिवारी अपने कार्यालय में आमजनों के साथ अभद्रता करते और नकल प्रदाय करने के एवज में धनराशि का लेन-देन करते दिखाई दिए थे। कारण बताओ नोटिस में आरोप स्वीकार किए जाने के बाद कलेक्टर ने उन्हें निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पलेरा नियत किया है।

बलदेवगढ़ में मांगी गई रिश्वत

दूसरा मामला बलदेवगढ़ तहसील का है, जहां डारगुवां क्षेत्र के रीडर अनिल कुमार नापित को नामांतरण के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित किया गया है। ग्राम एरौरा निवासी एक आवेदक से पिता की मृत्यु के उपरांत वसीयत के आधार पर नामांतरण कराने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की गई थी।

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आवेदक द्वारा बाबू और उसके चालक के साथ हुई बातचीत का ऑडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित कर दिया गया था। एसडीएम द्वारा कराई गई जांच में 7 मिनट 36 सेकेंड के इस आडियो की पुष्टि होने और शासकीय कार्य में लेन-देन का मामला सही पाए जाने पर कलेक्टर ने अनिल नापित को निलंबित कर उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय टीकमगढ़ तय किया है।

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