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उज्जैन में 168 ईंट भट्टे मिले अवैध, प्रदूषण विभाग ने संचालकों को थमाए नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

शहर और आसपास के क्षेत्र में संचालित ईंट भट्टों के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद जांच में 168 ईंट भट्टों को नियमों का उल्लंघन करते हु...और पढ़ें

By Prakash PrajapatEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 10:55:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 10:55:02 PM (IST)
उज्जैन में 168 ईंट भट्टे मिले अवैध, प्रदूषण विभाग ने संचालकों को थमाए नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब
ईंट-भट्टों पर बनाई जा रहीं ईंटें।

HighLights

  1. 168 ईंट भट्टों को प्रदूषण विभाग का नोटिस
  2. वायु प्रदूषण अधिनियम के उल्लंघन पर गाज
  3. संचालकों पर दर्ज हो सकता है कोर्ट केस

नईदुनिया न्यूज, नागदा जंक्शन। शहर और आसपास के क्षेत्र में संचालित ईंट भट्टों के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के बाद जांच में 168 ईंट भट्टों को नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित होना पाया गया है।

अब प्रदूषण विभाग ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध न्यायालयीन प्रकरण दर्ज करने के साथ ईंट भट्टों का संचालन बंद कराने की कार्रवाई की जा सकती है।


जांच में 168 ईंट भट्टों को अवैध पाया

बताया जाता है कि नागदा और आसपास के क्षेत्र में करीब 800 से अधिक ईंट भट्टे संचालित हैं। इनके खिलाफ लंबे समय से शिकायतें और आंदोलन होते रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने पर संगीता चौहान और रवि रघुवंशी ने एनजीटी में याचिका दायर की थी।

न्यायालय के निर्देश पर एसडीएम रंजना पाटीदार के नेतृत्व में प्रदूषण, खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की थी। जांच में 168 ईंट भट्टों को अवैध पाया गया था।

168 संचालकों को नोटिस जारी

जांच प्रतिवेदन को लेकर एनजीटी ने भी सवाल उठाते हुए एसडीएम, प्रदूषण और खनिज अधिकारियों से एक अक्टूबर को शपथ-पत्र के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। न्यायालय के निर्देश के बाद अब प्रदूषण विभाग ने कार्रवाई शुरू करते हुए 168 संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।

नोटिस में वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने अथवा जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं होने पर न्यायालयीन वाद दायर करने तथा संचालन बंद कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

जांच पर भी उठे सवाल

शिकायतकर्ता संगीता चौहान का कहना है कि क्षेत्र में 800 से अधिक ईंट भट्टे संचालित हैं, लेकिन जांच में केवल 168 को ही अवैध बताया गया। वह एक अक्टूबर को एनजीटी में आवेदन देकर शेष भट्टों की दोबारा जांच कराने और अवैध संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।

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अब खनिज-राजस्व विभाग की कार्रवाई पर नजर

एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में 168 ईंट भट्टों को अवैध माना गया है। प्रदूषण विभाग ने नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि खनिज और राजस्व विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू होना बाकी है।

जांच के दौरान 168 ईंट भट्टे अवैध पाए गए हैं। संचालकों को नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।- दीपक काले, अधिकारी, प्रदूषण विभाग, उज्जैन