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मध्य प्रदेश की कृषि मंडियों में अधिनियम 2026 लागू, अब व्यापार करना पड़ेगा महंगा

MP Mandi Adhiniyam 2026: मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में 17 साल बाद नया अधिनियम 2026 लागू कर दिया गया है। इसके बाद अब मंडी में व्यापार करना व्यापा...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 05 Aug 2026 08:37:01 AM (IST)Updated Date: Wed, 05 Aug 2026 08:40:58 AM (IST)
मध्य प्रदेश की कृषि मंडियों में अधिनियम 2026 लागू, अब व्यापार करना पड़ेगा महंगा
मध्य प्रदेश में कृषि उपज मंडी की फाइल फोटो।

HighLights

  1. भूखंड और गोदाम की लीज दर 40 रुपये वर्ग मीटर तय की गई है
  2. नीलामी से आवंटन होगा और ट्रांसफर भी महंगा पड़ेगा
  3. छोटे व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में 17 साल बाद मंडी संचालन व भू संरचना को लेकर कर अधिनियम में बदलाव करते हुए अधिनियम 2026 लागू कर दिया है। इस अधिनियम के लागू होने के बाद अब व्यापारियों को कृषि मंडी में भूखंड से लेकर लीज की दर महंगी पड़ेगी। अनुज्ञप्ति पर 30 साल की लीज पर मिलने वाले भूखंड अथवा गोदाम की लीज दर 40 रुपये वर्ग मीटर निर्धारित की गई है।

एक अनुज्ञप्ति धारी को एक ही भूखंड लेने की पात्रता होगी। जानकारी के अनुसार सरकार ने अधिनियम 2009 को समाप्त कर करीब छह माह की मशक्कत के बाद अधिनियम 2026 लागू किया है। इसके तहत व्यापारियों को अन्य सुविधाएं भी दी गई है। अधिनियम के तहत व्यापारी को बांधकर भी रखा गया है। अधिनियम के अनुसार व्यापारी को दुकान ट्रांसफर करना महंगा पड़ेगा।


अब ई-नीलामी से भूखंड का आवंटन होगा। इसकी कीमत व्यापारी को अधिक देना पड़ेगी। आवंटन भी लाइसेंस पर होगा। माना जा रहा है कि नए अधिनियम से छोटे व्यापारी मंडी कारोबार में नहीं टिक पाएंगे। अधिनियम को लेकर मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि 17 साल से अधिनियम 2009 में मंडी संचालन तथा भू-संरचना को लेकर काफी विसंगतियां थीं।

व्यापारियों को ब्रिकी नहीं कर पा रहे थे

मंडियों में समिति के अनेक गोदाम, भूखंड को व्यापारियों का बिक्री नहीं कर पा रहे थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशानुसार अधिनियम 2026 लागू होने के बाद मंडी समिति के भूखंड अथवा गोदाम के आवंटन का रास्ता साफ हो गया है। व्यापारियों को आवंटित भूखंड तथा गोदाम का लीज नवीनीकरण भी अटका हुआ था, जो अब होने लगेगा। प्रदेश में वर्षों से स्थापित मंडियों में काफी कम लीज दरों पर 90 साल की लीज पर भूखंड आवंटित किए गए थे। जिस पर व्यापारी गोदाम बनाकर वर्षों से व्यापार कर रहे थे।

पूर्व निर्धारित शर्तों के अनुसार इन भूखंडों का लीज नवीनीकरण प्रति 30 साल में होना था। प्रीमियम की राशि भी पूर्व स्थिति में ही रहना थी। लेकिन अधिनियम 2026 के लागू होने के बाद पूर्व आवंटित भूखंडों का लीज नवीनीकरण भी वर्तमान अधिनियम के तहत ही अनुज्ञप्ति पर होगा।

मामले में मध्य प्रदेश कृषि मंडी व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल का कहना है कि कृषि मंडी अधिनियम 1972 के तहत आवंटित भूखंडों का लीज नवीनीकरण भी पूर्व की शर्तों के अनुसार होना चाहिए। उज्जैन मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मंडी अधिनियम 2026 में भी कुछ विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए व्यापारिक संघ जल्द ही अपनी आपत्ति दर्ज करवाएगा।

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