
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : रेलवे स्टेशन पर बुधवार को आरपीएफ के एक जवान की सतर्कता से यात्री की जान बच गई। प्लेटफार्म नंबर एक से कांचीगुड़ा एक्सप्रेस रवाना हो रही थी, तभी एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में फिसल गया।
उसका पैर ट्रेन के पायदान से फिसला और वह ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच फंसकर घिसटने लगा। यह देख ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कांस्टेबल रामचंद्र यादव ने तत्काल दौड़ लगाई और यात्री को पकड़कर पूरी ताकत से ट्रेन से दूर खींच लिया।
घटना गाड़ी संख्या 17606 कांचीगुड़ा एक्सप्रेस के रवाना होने के दौरान हुई। कांस्टेबल यादव की तत्परता से यात्री ट्रेन के नीचे जाने से बच गया। हादसे में बाल-बाल बचे यात्री की पहचान संदीप पुत्र रामहित (40) निवासी इटारसी के रूप में हुई है।
संदीप ने जान बचाने के लिए आरपीएफ जवान का आभार जताया। घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई है। अपनी जान की परवाह किए बिना यात्री को बचाने वाले कांस्टेबल रामचंद्र यादव के साहस और तत्परता की सराहना की जा रही है।
नागदा जंक्शन : तीसरी-चौथी बायपास पटरी लाइन डलने को लेकर तीसरा सर्वे रेलवे ने प्रारंभ कर दिया। पहले व दूसरे सर्वे के विरोध का भी असर देखा जा रहा है। दूसरे सर्वे से अब लगभग 150 मीटर आगे सर्वे किया जा रहा है। बुधवार को भीमपुरा से लेकर बेरछा रोड तक किया गया। इससे ऐसा लगता है कि अभी तक जो भी सर्वे किए हैं, उससे रेलवे विभाग संतुष्ट नहीं है।
मुंबई से दिल्ली तक डाली जाने वाली तीसरी व चौथी बायपास पटरी लाइन शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। रेलवे द्वारा पहला सर्वे बनबनी से लेकर उमरना तक का किया था। जिन लोगों की भूमि सर्वे में जा रही थी, उन लोगों ने इसका विरोध किया। जनप्रतिनिधि व सत्तापक्ष के नेताओं को भी ज्ञापन सौंपा।
नेताओं ने रेलवे के अधिकारी व मंत्री तक चर्चा की। दूसरा सर्वे कृषि उपज मंडी के समीप गेट के पास से लेकर उमरना तक के आगे का किया, इसमें भी जिनकी जमीन जा रही थी, उन्होंने विरोध किया। इसको लेकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। दूसरे सर्वे से लगभग 150 मीटर आगे गुरुकृपा ढाबे के समीप से भगतपुरी तक हुआ।
बुधवार को भीमपुरा से लेकर बेरछा रोड तक रेलवे विभाग के कर्मचारियों ने सैटेलाइट से सर्वे किया है। वैसे देखा जाए तो दो वर्ष पूर्व हुए सर्वे को मिला लें तो चौथा सर्वे रेलवे द्वारा किया जा रहा है। अब उन लोगों की धड़कनें तेज हो गई, जिनकी भूमि चौथे सर्वे में जा रही है।
रेलवे के अधिकारी कह रहे हैं कि अभी तो सिर्फ सर्वे हो रहा है, तय नहीं हुआ है कि पटरी कहां से निकलेगी। इसके लिए बोर्ड की बैठक होगी। उसमें मामले को रखकर विचार विमर्श किया जाएगा।
इसमें कितनी शासकीय भूमि आ रही है, कितने किमी बायपास निकलेगा, कितना खर्चा आएगा, कितने लोगों की भूमि अधिग्रहण होगी। इन सब बिंदुओं पर विचार होगा, जहां रेलवे का फायदा होगा, वहां से पटरी निकाली जाएगी।
अभी कुछ तय नहीं हुआ है, पटरी कहां से निकलेगी। अभी तो सिर्फ सर्वे हो रहा है। -मुकेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे मंडल रतलाम
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