
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : उज्जैन-मक्सी फोरलेन निर्माण के बीच ही इस मार्ग से यात्री वाहनों से टोल वसूली की भी तैयारी की जाने लगी हैं। अभी इस मार्ग से केवल व्यावसायिक वाहनों को ही टोल चुकाना पड़ता है। इस व्यवस्था को रिवाइज कर नए टेंडर आमंत्रित कर नई व्यवस्था शुरू करवाई जाएगी।
38 किमी लंबे इस मार्ग का विस्तार एमपीआरडीसी द्वारा किया जा रहा है। अक्टूबर अंत तक इस फोरलेन का 22 फीसदी काम पूरा हो गया है। दावा है कि जून 2027 तक प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में इस मार्ग पर महिलाओं के स्वसहायता समूह के पास टोल वसूली की व्यवस्था है।
यह प्रदेश का पहला समूह है, जिसे यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कायथा में समूह से जुड़ी महिलाएं टोल वसूलती हैं। हालांकि इन्हें केवल व्यावसायिक वाहनों से ही टोल वसूली की अनुमति हैं, यात्री वाहनों को इस मार्ग पर फिलहाल टोल नहीं चुकाना पड़ता है। अब बताया जा रहा है कि नए फोरलेन के बनने से इस मार्ग पर यात्री वाहनों से भी टोल वसूली की जाने लगेगी। इसके लिए तैयारी विभाग ने शुरू कर दी हैं।
एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक विजय सिंह के अनुसार उज्जैन-मक्सी फोरलेन के वर्तमान वाले टोल को टेंडर आमंत्रित कर रिवाइज करेंगे। इस मार्ग से नई व्यवस्था के तहत यात्री वाहनों से भी टोल वसूला जाएगा।
उज्जैन से मक्सी का मार्ग मुख्य रूप से शाजापुर आने-जाने के लिए उपयोग किया जाता हैं। इसके अलावा इस मार्ग पर ताजपुर, विजयगंज मंडी, कायथा जैसे कुछ बड़े क्षेत्र भी हैं। मक्सी तक छोटे-बड़े 20 से 25 गांव भी हैं। ऐसे में दिनभर वाहनों की आवाजाही होती रहती हैं। कृषि-व्यावसायिक वाहनों के अलावा यात्री वाहन भी बड़ी मात्रा में इस रूट से गुजरते हैं। एक अनुमान है कि सभी तरह के औसतन करीब तीन से पांच हजार तक वाहन गुजरते हैं। टोल वसूली की नई व्यवस्था शुरू होने से सभी पर भार पड़ेगा।
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