• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

सदियों पुराने पन्नों से निकलकर डिजिटल दुनिया तक पहुंचेंगी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं

भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, उनका जीवन दर्शन और उपदेश सदियों से पांडुलिपियों के पन्नों पर सहेजे जाते रहे हैं। कहीं संस्कृत के श्लोकों में उनके जन्म और बाल लीलाओं का वर्णन है तो कहीं स्वर्ण और रजत रंगों से उनके जीवन प्रसंगों को चित्रों में उकेरा गया है।

By Rajesh VermaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 11:09:10 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 11:09:10 AM (IST)
सदियों पुराने पन्नों से निकलकर डिजिटल दुनिया तक पहुंचेंगी भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं
सिंधिया प्राच्यविद्या शोध प्रतिष्ठान में संरक्षित श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित पांडुलिपि। -साभार शोध प्रतिष्ठान

HighLights

  1. भगवान श्रीकृष्ण के जीवन व लीलाओं से जुड़ी भी अनेक पांडुलिपि
  2. सिंधिया प्राच्यविद्या शोध प्रतिष्ठान में संरक्षित 20 हजार 700 से अधिक पांडुलिपियां
  3. इन पांडुलिपियाें से तैयार हो रहा डिजिटल ज्ञानकोष

राजेश वर्मा, नईदुनिया, उज्जैन : भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, उनका जीवन दर्शन और उपदेश सदियों से पांडुलिपियों के पन्नों पर सहेजे जाते रहे हैं। कहीं संस्कृत के श्लोकों में उनके जन्म और बाल लीलाओं का वर्णन है तो कहीं स्वर्ण और रजत रंगों से उनके जीवन प्रसंगों को चित्रों में उकेरा गया है।

अब ये अनमोल धरोहरें केवल पुस्तकालयों और शोध संस्थानों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि डिजिटल दुनिया के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचेंगी। मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, दर्शन और विचारों पर केंद्रित डिजिटल ज्ञानकोष तैयार करने की दिशा में पहल कर रही है।


यहां 20 हजार 700 से अधिक पांडुलिपियां संरक्षित हैं

उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय स्थित सिंधिया प्राच्यविद्या शोध प्रतिष्ठान में इस पहल के लिए प्राचीन ज्ञान और सामग्री का समृद्ध आधार मौजूद है। यहां 20 हजार 700 से अधिक पांडुलिपियां संरक्षित हैं। इनमें धर्म, दर्शन, साहित्य, संस्कृति और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री के साथ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित दुर्लभ पांडुलिपियां भी शामिल हैं। मध्य प्रदेश सरकार डिजिट ज्ञान कोष तैयार करने के साथ शोध आधारित वृत्तचित्र, नाट्य और संगीत श्रृंखलाओं के प्रसारण के लिए समर्पित यूट्यूब मंच भी शुरू करने की योजना बना रही है।

हाथ से लिखे अक्षरों में जीवंत हैं कृष्ण के प्रसंग

डा. प्रीति पांडे ने बताया कि संस्थान में संरक्षित पांडुलिपियों का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। संस्थान के निदेशक प्रो. शितांशु रथ के मार्गदर्शन में इन दुर्लभ धरोहरों को डिजिटल स्वरूप देने का कार्य चल रहा है। श्रीकृष्ण की लीलाओं से संबंधित एक पांडुलिपि पत्रक इसका विशिष्ट उदाहरण है।

देवनागरी लिपि और संस्कृत भाषा में लिखे इस पत्रक में स्वर्ण और रजत रंगों का प्रयोग कर चित्रांकन किया गया है। इसमें श्रीमद्भागवत महापुराण के उस प्रसंग को चित्रित किया गया है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद नंद राजा द्वारा जातकर्म संस्कार, ब्राह्मण भोज और दान-पुण्य किया गया था। चित्र में बालकृष्ण माता यशोदा की गोद में विराजमान हैं। माता यशोदा वात्सल्य और हर्ष के भाव से अपने लाडले के बाल स्वरूप को निहार रही हैं। यह चित्र उस समय की चित्रकला, रंग संयोजन और धार्मिक भावबोध की समृद्ध परंपरा का परिचय देता है।

अब तक 700 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण

सन 1931 में स्थापित सिंधिया प्राच्यविद्या शोध प्रतिष्ठान में 20 हजार 700 से अधिक पांडुलिपियां संरक्षित हैं। इनमें से 700 पांडुलिपियों को 12 अगस्त 2026 से शुरू हुए डिजिटलीकरण कार्य के तहत महज ढाई माह में डिजिटल स्वरूप दिया जा चुका है। अब प्राचीन ज्ञान की इस समृद्ध परंपरा को जानने और समझने के लिए मूल पांडुलिपियों के पन्ने पलटने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इनकी डिजिटल प्रतियां एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे शोधार्थियों और जिज्ञासुओं को सदियों पुराने ज्ञान तक पहुंचने में आसानी होगी।

यह भी पढ़ें- जांजगीर में डिजिटल अरेस्ट CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ठगे 32 लाख, इंदौर से दो गिरफ्तार

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।