
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : महाकालेश्वर मंदिर के ठीक सामने खुले में गंदा नाला बह रहा है। बैरिकेडिंग तोड़कर श्रद्धालुओं ने आसान पहुंच के लिए अपना संकरा और मुश्किल ही सही मगर रास्ता बना लिया है। धार्मिक-पर्यटन और सबसे स्वच्छ नगरी के तमगे से नवाजी गई ‘उज्जैन’ के लिए यह स्थिति ठीक नहीं है।
मौके के हालात बताते हैं कि मार्ग चौड़ीकरण कार्य के दौरान सड़क किनारे नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से चारों तरफ कीचड़, गंदा पानी और गंदगी फैली हुई है। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अपने बैग और सामान लेकर बैरिकेड्स के किनारे बनी संकरी जगह से बचते-बचाते निकलना पड़ रहा है।
कई जगह लोग लोहे के गिरे हुए बैरिकेड्स और लकड़ी के पटियों के सहारे नाले को पार करने पर मजबूर हैं। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए इस रास्ते से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है। पिक आवर्स में स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि धक्का-मुक्की और श्रद्धालुओं के नाले में गिरने की आशंका लगातार बनी रहती है।
निर्माण कार्य और इस अव्यवस्था के चलते महाकाल मंदिर से प्रसिद्ध मां हरसिद्धि मंदिर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस मार्ग के बंद होने से न केवल श्रद्धालुओं का पैदल आवागमन प्रभावित हुआ है, बल्कि आसपास के क्षेत्र की पूरी यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। श्रद्धालुओं को हरसिद्धि मंदिर दर्शन के लिए जाने हेतु लंबे और संकरे वैकल्पिक रास्तों से होकर चक्कर काटना पड़ रहा है।
मार्ग अवरुद्ध होने का सबसे बड़ा प्रतिकूल प्रभाव पर्यटन क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित हेरिटेज होटल ''सम्राट विक्रमादित्य'' की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इतना ही नहीं, होटल सम्राट विक्रमादित्य के विस्तार का कार्य भी मार्ग बंद होने और बुनियादी ढांचे के निर्माण में हो रही देरी के कारण बेहद धीमा पड़ गया है। निर्माण सामग्री और गाड़ियों के न पहुंच पाने से विस्तार परियोजना समय-सीमा से पिछड़ती दिख रही है।
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