• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • शारदीय नवरात्रि
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उज्जैन के पूर्व सांसद ने करवाया था राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का विवाह, 30 मई को है वर्षगांठ

पत्नी और बेटे को मिली राष्ट्रपति से मिलने की विशेष अनुमति ।

By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sun, 29 May 2022 04:33:00 AM (IST)Updated Date: Sun, 29 May 2022 08:44:08 AM (IST)
उज्जैन के पूर्व सांसद ने करवाया था राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का विवाह, 30 मई को है वर्षगांठ

धीरज गोमे, उज्जैन। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द का विवाह उज्जैन, देवास और मुरैना से सांसद रहे स्व. हुकुमचंद कछवाय ने 30 मई 1974 को महानगर टेलीफोन निगम में मुख्य सेक्शन सुपरवाइजर रहीं सविता से कराया था। इतना ही नहीं जब वे दिल्ली अध्ययन करने आए थे तो अपने दिल्ली स्थित सरकारी बंगले 19, विंडसर पैलेस में उनकी आवासीय व्यवस्था भी की थी।

रविवार को जब वे उज्जैन आ रहे हैं तो पूर्व सांसद की पत्नी रामकुमारी बाई और बेटे सुनील कछवाय को मिलने के लिए विशेष अनुमति मिली है। राष्ट्रपति के विवाह की वर्षगांठ सोमवार को है।

सुनील कछवाय ने नईदुनिया को बताया कि राम नाथ कोविन्द का हमारे परिवार से गहरा नाता है। अध्ययन के लिए कोविन्द जी जब दिल्ली आए थे तो पिताजी ने सरकारी बंगले में उनके रहने की व्यवस्था की थी। उनका विवाह भी पिताजी ने कराया था।


naidunia_image

विवाह में भोजन उज्जैन के गोला मंडी क्षेत्र निवासी लादूराम एवं लालू राम नामक हलवाई ने बनाया था। मालीपुरा स्थित गोथरवाल टेलर ने उनके शादी के कपड़े सिले थे। इस बार राष्ट्रपति के रूप में वे उज्जैन आ रहे हैं। उनके साथ पत्नी सविता और बेटी स्वाति भी हैं। स्वाति, एयर इंडिया में फ्लाइट अटेंडेंट रह चुकी हैं।

प्रशासन की सूची के अनुसार राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति एक दादा-पोते को भी मिली है। उनके नाम सत्यनारायण पंवार और कृतिक है। पंवार, कोली समाज के पूर्व अध्यक्ष और सांसद हैं। उन्होंने बताया कि रामनाथ कोविन्द और मैंने 18 राज्यों में साथ भ्रमण कर सामाजिक संगठन को मजबूत बनाया है। उनसे बहुत पुरानी मित्रता है।

पहले भी कई बार उज्जैन आ चुके

राम नाथ कोविन्द पहले भी कई बार उज्जैन आ चुके हैं। अंतिम बार जब वे जब बिहार के राज्यपाल थे, तब उज्जैन महाकाल दर्शन करने आए थे। इसके पहले 28 अप्रैल 1999 को एक विवाह समारोह में आए थे और श्री माधव क्लब में पत्नी संग रुके थे। सन् 1975 में 23, 24 मई को चामुंडा माता मंदिर के पीछे हुए अखिल भारतीय कोली समाज के सम्मेलन में भी वे सम्मिलित हुए थे।

Koo App

अभी हाल ही में गुजरात के जामनगर में WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना से यह पुष्टि होती है कि विश्व अब हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को स्वीकार करने के लिए तैयार है। इससे आप सभी का दायित्व और भी अधिक हो गया है: राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App

उज्जैन से मेरी बहुत सारी पुरानी स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यहां की गलियों से मैं पूरी तरह वाकिफ हूं। सचमुच में भारत गांव का देश है। गांव में जो पारंपरिक चिकित्सा की व्यवस्था है वह आज भी आयुर्वेद की है। इसका स्थान कोई नहीं ले सका है: राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App

जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रभाव ज्यादा है। यह बीमारी अभी तक नहीं गई है। आयुर्वेद, होम्योपैथी के माध्यम से हमें सिकल सेल रोग के इलाज में सफलता मिलेगी, इसका मुझे पूरा विश्वास है: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App

जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रभाव ज्यादा है। यह बीमारी अभी तक नहीं गई है। आयुर्वेद, होम्योपैथी के माध्यम से हमें सिकल सेल रोग के इलाज में सफलता मिलेगी, इसका मुझे पूरा विश्वास है: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App

आयुर्वेद के शोध, अनुसंधान को आधुनिक वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ समाज के सामने लाया जाना चाहिए। आज भी कई आयुर्वेदाचार्य अत्यंत प्रभावकारी फॉमूर्ले का निर्माण करते हैं। इसका प्रसार किया जाना चाहिए: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App

हमने तय किया है कि आयुष औषधालयों में रोगी कल्याण समिति का गठन किया जाएगा। सभी जिला चिकित्सालयों में आयुष विंग अलग से स्थापित कर उसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा की व्यवस्था की शुरुआत की जा रही है। इसमें पंचकर्म जैसे चिकित्सकीय उपाय भी शामिल होंगे: CM #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image Byte- Shivraj Singh chouhan

Koo App

प्राचीन उपचार की पद्धतियों में शोध, अनुसंधान होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। माननीय राष्ट्रपति महोदय श्री रामनाथ कोविंद जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हम आयुर्वेद पर शोध के लिए संस्थान की स्थापना करेंगे: CM #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image Byte- Shivraj Singh chouhan

Koo App

पहले जब एलोपैथी डॉक्टर गांव-गांव में नहीं थे, तब इलाज के लिए सहारा वैद्य राज होते थे। वैद्य राज मात्र नाड़ी देख कर ही इलाज कर देते थे। आयुर्वेद का मार्ग भारत ने विश्व को तब दिखाया जब कई देशों में सभ्यताओं का भी उद्भव नहीं हो सका था: CM #PresidentInMP

View attached media content

- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022

naidunia_image

Koo App
अभी हाल ही में गुजरात के जामनगर में WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना से यह पुष्टि होती है कि विश्व अब हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को स्वीकार करने के लिए तैयार है। इससे आप सभी का दायित्व और भी अधिक हो गया है: राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Koo App
उज्जैन से मेरी बहुत सारी पुरानी स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यहां की गलियों से मैं पूरी तरह वाकिफ हूं। सचमुच में भारत गांव का देश है। गांव में जो पारंपरिक चिकित्सा की व्यवस्था है वह आज भी आयुर्वेद की है। इसका स्थान कोई नहीं ले सका है: राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Koo App
जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रभाव ज्यादा है। यह बीमारी अभी तक नहीं गई है। आयुर्वेद, होम्योपैथी के माध्यम से हमें सिकल सेल रोग के इलाज में सफलता मिलेगी, इसका मुझे पूरा विश्वास है: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Koo App
जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग का प्रभाव ज्यादा है। यह बीमारी अभी तक नहीं गई है। आयुर्वेद, होम्योपैथी के माध्यम से हमें सिकल सेल रोग के इलाज में सफलता मिलेगी, इसका मुझे पूरा विश्वास है: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Koo App
आयुर्वेद के शोध, अनुसंधान को आधुनिक वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ समाज के सामने लाया जाना चाहिए। आज भी कई आयुर्वेदाचार्य अत्यंत प्रभावकारी फॉमूर्ले का निर्माण करते हैं। इसका प्रसार किया जाना चाहिए: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Koo App
हमने तय किया है कि आयुष औषधालयों में रोगी कल्याण समिति का गठन किया जाएगा। सभी जिला चिकित्सालयों में आयुष विंग अलग से स्थापित कर उसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा की व्यवस्था की शुरुआत की जा रही है। इसमें पंचकर्म जैसे चिकित्सकीय उपाय भी शामिल होंगे: CM #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Byte- Shivraj Singh chouhan

Koo App
प्राचीन उपचार की पद्धतियों में शोध, अनुसंधान होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इसे आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। माननीय राष्ट्रपति महोदय श्री रामनाथ कोविंद जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में हम आयुर्वेद पर शोध के लिए संस्थान की स्थापना करेंगे: CM #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image

Byte- Shivraj Singh chouhan

Koo App
पहले जब एलोपैथी डॉक्टर गांव-गांव में नहीं थे, तब इलाज के लिए सहारा वैद्य राज होते थे। वैद्य राज मात्र नाड़ी देख कर ही इलाज कर देते थे। आयुर्वेद का मार्ग भारत ने विश्व को तब दिखाया जब कई देशों में सभ्यताओं का भी उद्भव नहीं हो सका था: CM #PresidentInMP
View attached media content
- CM Madhya Pradesh (@CMMadhyaPradesh) 29 May 2022
naidunia_image