
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को दशहरे के शुभ अवसर पर उज्जैन में भगवान चिंतामन गणेश की पूजा-अर्चना कर सत्य सनातन यात्रा की शुरुआत की। दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या में राम मंदिर तक सत्य सनातन यात्रा निकाल रहे हैं। वे उज्जैन से पैदल यात्रा करेंगे। यात्रा से पूर्व सोमवार को दिग्विजय ने कहा कि उनकी अयोध्या तक की यात्रा पूरी तरह से निजी यात्रा है।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपतराय को बचाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित पूरी भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस लगी हुई है। जो लोग चंपतराय को बचाने में लगे हुए हैं, उन्होंने ही मंदिर में चढ़ावा की चोरी की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरी, नोट चोरी दोनों में शामिल हैं। राम मंदिर में जिस ट्रस्ट ने चोरी की है, उसमें ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में शामिल थे। यह आरोप पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में पत्रकार वार्ता में लगाए।

पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह।
आगे उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की पदयात्रा नहीं है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में आरोप लगाते हुए कहा कि जिन, जिन लोगों ने चंपतराय द्वारा की जा रही चोरी के मामले में कुछ बोलने की कोशिश की, उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महिपालसिंह, इंजीनियर दीनानाथ वर्मा जैसे लोग इसका उदाहरण हैं।
दिग्विजय ने रामजन्म भूमि ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और राम मंदिर की व्यवस्था को पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंहराव के समय बने रामालय ट्रस्ट को सौंपे जाने की मांग की। इस ट्रस्ट में सभी पीठों के शंकराचार्य, रामानंद संप्रदाय संत, निर्मोही अखाड़े के प्रमुख, गोरखनाथ मठ के प्रतिनिधि को शामिल किया जाए। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की ताजा घटनाओं के चलते तत्कालीन महासचिव, कोषाध्यक्ष और प्रमुख अधिकारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया जाए और उन्हें भी आरोपित बनाया जाए। राम मंदिर ट्रस्ट में किसी भी सांप्रदायिक संगठनों के लोगों को न ट्रस्ट में पदाधिकारी बनाया जाए और न उन्हें कोई दायित्व सौंपा जाए।
यात्रा के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि यात्रा में सुबह 8 बजे से शुरू कर नौ किलोमीटर चलेंगे। दोपहर में विश्राम करके शाम 6 बजे शुरू करेंगे। राम हमारे ईष्टदेव हैं और हम उनके सेवक हैं। सनातन धर्म पांच रंग धर्म ध्वजा है। भगवा ध्वज सनातन धर्म का नहीं है। इस दौरान पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने भी कार सेवा से जुड़े उनके अनुभव साझा किए।
सत्य सनातन यात्रा पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं देने के विरोध में साधु-संतों ने सोमवार को कलेक्टर बंगले के बाहर धरना दिया। कंप्यूटर बाबा साधु संतों के साथ कलेक्टर बंगले पहुंचे और प्रदर्शन किया।
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