उज्जैन में सीएम हेल्पलाइन में पिछड़े पांच थानों के टीआई से लेकर सिपाही तक को परेड की सजा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही उज्जैन के पांच थानों के पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गई। शिकायतें लंबित रहने के कारण चिमनगंज, अजाक, कोतवाली, खाराकुआं और माधवनगर थानों की रैंकिंग बी श्रेणी में पहुंच गई है।
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 01:04:04 PM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 01:04:04 PM (IST)
पांच थानों के टीआई से लेकर सिपाही तक को परेड की सजा। -एआई इमेजHighLights
- शिकायतों का समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर एसपी प्रदीप शर्मा सख्त
- चिमनगंज, अजाक, कोतवाली, खाराकुआं और माधवनगर थानों की रैंकिंग बी श्रेणी में
- लापरवाही उज्जैन के पांच थानों के पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गई
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही उज्जैन के पांच थानों के पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गई। शिकायतें लंबित रहने के कारण चिमनगंज, अजाक, कोतवाली, खाराकुआं और माधवनगर थानों की रैंकिंग बी श्रेणी में पहुंच गई है।
इस पर एसपी प्रदीप शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए पांचों थानों के टीआई से लेकर सिपाही तक को परेड की सजा सुनाई है। शुक्रवार को पांचों थानों के पूरे स्टाफ को पुलिस लाइन में परेड करना होगी।
अतिरिक्त इंस्पेक्टर देने के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए एसपी ने पुलिस लाइन से थानों को अतिरिक्त इंस्पेक्टर भी उपलब्ध कराए थे। इसका उद्देश्य शिकायतों के निराकरण में तेजी लाना और लंबित मामलों की संख्या कम करना था। इसके बावजूद पांच थानों में शिकायतें पेंडिंग रहने से उनकी रैंकिंग बी श्रेणी में पहुंच गई।
शहर के अधिकांश थानों की रैंकिंग ए श्रेणी में है, जबकि इन पांच थानों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। शिकायतों का निराकरण किए जाने के बावजूद कुछ मामले लंबित रहने से थानों की रैंकिंग प्रभावित हुई है।
थाना प्रभारी ही नहीं, पूरे स्टाफ की जवाबदेही
एसपी ने शिकायतों के निराकरण में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए केवल थाना प्रभारियों को ही नहीं, बल्कि संबंधित थानों के पूरे स्टाफ को जवाबदेह ठहराया है। इसी के तहत शुक्रवार को पांचों थानों के पुलिसकर्मियों की परेड कराई जाएगी।
जिन थानों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, वहां के स्टाफ को परेड करना होगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का तेजी से और निर्धारित समयसीमा में निराकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन थानों का प्रदर्शन कमजोर रहेगा, वहां के स्टाफ को परेड करना होगी।