नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने शुक्रवार सुबह बेगमबाग क्षेत्र में एक बार फिर बुलडोजर चलाया। तीन महीने में हुई इस तीसरी कार्रवाई में भूखंड क्रमांक-19 पर संचालित अंगारा रेस्टोरेंट ढहा दिया गया।
यह रेस्टोरेंट लंबे समय से विवादित था और न्यायालय के स्थगन आदेश के कारण 11 जून को हुई कार्रवाई में बच गया था। उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र के सुंदरीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति देने की योजना के तहत अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं।
यूडीए के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि 2400 वर्ग फीट का यह भूखंड अनीशा बी के नाम दर्ज था। यहां दो भागों में किरायेदार रहते थे और वर्षों से ‘अंगारा’ नाम से चिकन-मटन का रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था। भूखंड की लीज दस साल पहले निरस्त हो चुकी थी और कोर्ट केस चल रहा था। दो दिन पहले स्टे आदेश हटने पर अवैध भवन को ध्वस्त कर जमीन पर कब्जा लिया गया।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
मई में भी दो भवन ढहाए गए थे और जून में सात अवैध भवन जमींदोज कर कब्जा लिया गया। इस तरह तीन महीनों में बेगमबाग क्षेत्र में 10 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं।
बेगमबाग क्षेत्र के कुल 28 भूखंडों की लीज 11 अक्टूबर 2023 को निरस्त कर दी गई थी। ये सभी भूखंड 1980 से पहले केवल आवासीय उपयोग के लिए दिए गए थे, लेकिन बाद में यहां होटल, दुकानें और रेस्टोरेंट खड़े कर दिए गए। अधिकांश ने लीज का नवीनीकरण नहीं कराया और नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दीं।
महाकाल मंदिर क्षेत्र के सुंदरीकरण और सिंहस्थ 2028 मास्टर प्लान के तहत यहां पाथवे, पार्किंग, स्मार्ट लाइटिंग, ग्रीन बेल्ट और सुरक्षा घेरे का विकास होना है। अधिकारियों का कहना है कि यदि अवैध कब्जे समय रहते नहीं हटाए गए तो सुव्यवस्थित विकास में बाधा आएगी।
यूडीए की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी कब्जाधारी को बख्शा नहीं जाएगा। अगली कार्रवाई की सूची भी तैयार कर ली गई है।