
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर का नंदी मंडपम आने वाले दिनों में राजसी वैभव से दमकता नजर आएगा। भगवान महाकाल के सम्मुख विराजित नंदी महाराज का यह मंडप प्राचीन वास्तुशिल्प और आधुनिक सौंदर्य का अनूठा संगम बनेगा।
मंदिर प्रशासन ने नंदी मंडपम के सुंदरीकरण की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में विद्युत लाइन, एयर कूलिंग सिस्टम तथा इंटरनेट और सीसीटीवी कैमरों के केबल की शिफ्टिंग की जा रही है। अगले चरण में मंडपम की दीवारों और स्तंभों पर चांदी अथवा वियतनाम मार्बल लगाने पर विचार किया जा रहा है। योजना साकार होने पर नंदी मंडपम में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभूति होगी।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि महाकाल मंदिर के सुदृढ़ीकरण और सुंदरीकरण का कार्य प्रारंभ हो गया है। इसमें मंदिर के मूल स्वरूप और प्राचीन वास्तुशिल्प को संरक्षित रखते हुए भवन की संरचना को मजबूती प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में नंदी मंडपम को भी नया स्वरूप देने की योजना है। मंडपम की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा के अनुरूप इसे राजसी वैभव प्रदान किया जाएगा। सुंदरीकरण में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि प्राचीन शिल्पकला की मौलिकता बनी रहे।
महाकाल मंदिर में नंदी मंडपम का विशेष धार्मिक महत्व है। भगवान शिव के प्रमुख गण और वाहन नंदी महाराज यहां ज्योतिर्लिंग महाकाल के सम्मुख विराजित हैं। श्रद्धालु नंदी महाराज के दर्शन कर भगवान महाकाल के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। भक्त नंदी मंडपम में बैठकर भस्म आरती दर्शन भी करते हैं। महाकाल दर्शन करने आने वाले अतिविशिष्ट व्यक्तियों को भी यहीं से भगवान के दर्शन कराए जाते हैं। सुवृष्टि के लिए होने वाला पर्जन्य अनुष्ठान, धनत्रयोदशी पर होने वाली पूजा सहित अतिविशिष्ट अनुष्ठान पूजन भी नंदी मंडपम में संपन्न होते हैं। मंदिर के इस महत्वपूर्ण हिस्से का सुंदरीकरण होने से इसकी भव्यता में नया अध्याय जुड़ेगा।
मंदिर प्रशासन की योजना नंदी मंडपम को केवल आकर्षक बनाने की नहीं, बल्कि इसकी प्राचीन पहचान को सुरक्षित रखते हुए सौंदर्य निखारने की है। चांदी अथवा वियतनाम मार्बल के उपयोग पर निर्णय होने के बाद आगामी चरण का काम आगे बढ़ेगा। नए स्वरूप में नंदी मंडपम की दीवारें और स्तंभ राजसी आभा बिखेरेंगे। इससे महाकाल मंदिर की ऐतिहासिक गरिमा और दिव्य वातावरण में एक नया आकर्षण जुड़ेगा।
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