उज्जैन। पंचागीय गणना के अनुसार कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा पर शनिवार से माघ मास का आरंभ होगा। इस माह में तिल चतुर्थी, मकर संक्रांति, वसंत पंचमी जैसे कई खास व्रत त्योहार आएंगे। ग्रहों के नक्षत्र व राशि परिवर्तन के चलते भी यह महीना विशेष रहेगा। धर्मशास्त्रीय मान्यता के अनुसार माघ मास माधव की आराधना के लिए विशेष है। इसमें मास पर्यंत तीर्थ स्नान, दान व कल्पवास का महत्व है।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार बारह महीनों में माघ मास का धर्म आध्यात्म की दृष्टि से विशेष महत्व है। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायन होंगे। देवी आराधना के लिए विशेष मानी जानी वाली गुप्त नवरात्रि तथा ऋ तु परिवर्तन का पर्व वसंत पंचमी इस माह को खास बनाते हैं। इस बार माघ ग्रहों के नक्षत्र व राशि परिवर्तन के कारण और भी विशेष हो गया है।

11 व 12 जनवरी को शनि व रवि पुष्य

माघ मास की शुरुआत 11 जनवरी को शनिवार के दिन पुष्य नक्षत्र की साक्षी में हो रही है। शनिवार को दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से पुष्य नक्षत्र की शुरुआत होगी, जो अगले दिन 12 जनवरी रविवार को सुबह 11 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। पुष्य नक्षत्र के स्वामी भी शनि देव हैं। संयोग से इस माह में पांच शनिवार तथा पांच रविवार हैं। पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए विशेष है। इस दिन हरप्रकार की खरीदी करना शुभ है।

कई ग्रहों का नक्षत्र व राशि परिवर्तन

11 जनवरी को सूर्य व बुध का उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश होगा। 18 जनवरी को सर्वार्थसिद्धि योग में गुरु का पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र तथा 19 जनवरी को मंगल का ज्येष्ठा व बुध का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश होगा। 24 जनवरी को मौनी अमावस्या पर शनि मकर राशि व उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। 30 जनवरी को वसंत पंचमी पर बुध पश्चिम से उदय होंगे। 31 दिसंबर को अमृतसिद्धि योग में शनि का उदय होगा। 7 फरवरी को मंगल मूल नक्षत्र के साथ धनु राशि में प्रवेश करेंगे।

यह पर्व त्योहार विशेष

-13 जनवरी माघी चतुर्थी तिल चौथ

-15 जनवरी मकर संक्रांति

-24 जनवरी मौनी अमावस्या

-25 जनवरी गुप्त नवरात्र का आरंभ

-28 जनवरी वरदतिलकुंद चतुर्थी

-30 जनवरी वसंत पंचमी

-08 फरवरी शनि पुष्य नक्षत्र

-09 फरवरी डांडा रोपिणी पूर्णिमा

Posted By: Hemant Upadhyay

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