
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक का 12 मीटर मार्ग चौड़ा मार्ग 20 मीटर चौड़ा करने करने की तैयारी के बीच प्रभावित व्यापारियों और रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया है। नगर निगम ने रविवार रात करीब 1 बजे मार्ग के प्रभावित 200 से अधिक मकान-दुकानों पर लाल निशान लगाए। इसके विरोध में प्रभावित परिवारों ने अपनी दुकानों पर पोस्टर लगाए हैं और सोमवार को बाजार बंद रखने का ऐलान किया।
उनका कहना है कि मौजूदा मार्ग पर्याप्त चौड़ा है। इसके बावजूद चौड़ीकरण हुआ तो सैकड़ों परिवारों का कारोबार प्रभावित होगा और उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ेंगी। प्रभावित परिवारों का कहना है कि चौड़ीकरण से उनके मकान-दुकानों का हिस्सा प्रभावित होगा।
वर्षों से स्थापित कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने पोस्टरों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि नगर निगम और प्रशासन प्रभावितों की आपत्तियों पर क्या रुख अपनाते हैं।
सिंहस्थ-2028 से पहले नगर निगम ने शहर के 64 मार्गों को चौड़ा करने की योजना बनाई है। इनमें से ज्यादातर मार्गों पर काम शुरू हो चुका है। कई स्थानों पर लोगों ने स्वयं आगे आकर अपने मकान-दुकानों के प्रभावित हिस्से तोड़कर निगम को सहयोग दिया है। वहीं कुछ मार्गों पर प्रभावितों की आपत्तियां भी सामने आ रही हैं।
महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक का मार्ग दोनों हिस्से में 4-4 मीटर चौड़ा कर कुल 20 मीटर चौड़ा मार्ग बनाने की है। मार्ग निर्माण के लिए ठेकेदार चयन की प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। शीघ्र ही ठेकेदार को कार्य आदेश जारी करने की तैयारी है।
महाकाल मंदिर मार्ग पर 39 भवनों को तोड़ना शुरू
बीते गुरुवार को महाकाल मंदिर के अवंतिका द्वार से महाकाल चौराहे तक 200 मीटर लंबे मार्ग को 15 से 24 मीटर चौड़ा करने के लिए प्रभावित 39 मकान-दुकानों की तोड़ाई शुरू हुई। इससे पहले खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने तक 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए प्रभावित 272 आवासों की तोड़ाई शुरू की गई थी। इस दायरे में अब्दालपुरा स्थित मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का पैतृक आवास भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने दो सप्ताह पहले स्वयं गैंती चलाकर यहां चौड़ीकरण कार्य की शुरुआत की थी।
कोयला फाटक से कंठाल चौराहे होते हुए छत्री चौक तक का मार्ग 15 मीटर चौड़ा किया जा चुका है। छत्री चौक से गोपाल मंदिर तक चौड़ीकरण में बाधक शाही मस्जिद का करीब 10 फीट हिस्सा भी हटाया जा रहा है। मस्जिद कमेटी स्वयं अपने खर्च पर यह हिस्सा तोड़ रही है। इसी तरह ढाबा रोड, एमआर-4 और खजूरवाली मस्जिद से केडी गेट चौराहे तक मार्ग चौड़ीकरण में भी लोगों ने अपने स्तर पर प्रभावित हिस्से हटाकर सहयोग किया।
हरिफाटक पुल से महाकाल चौराहे तक भी प्रभावित भवनों की तोड़ाई शुरू हो चुकी है। अब महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों का विरोध सामने आया है। सोमवार को बाजार बंद रखने के फैसले से इस मार्ग के चौड़ीकरण पर प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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