• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

उज्जैन में लगेगा 255 करोड़ का मेगा डेयरी प्लांट, 3 अक्टूबर को अमित शाह भोपाल से करेंगे डिजिटल भूमिपूजन

मध्यप्रदेश को 2028 तक देश का मिल्क कैपिटल बनाने के लक्ष्य के बीच उज्जैन में डेयरी सेक्टर के विस्तार की बड़ी आधारशिला रखी जा रही है। केंद्रीय गृह एवं स...और पढ़ें

By Prakash PrajapatEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 07:29:09 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 07:29:09 PM (IST)
उज्जैन में लगेगा 255 करोड़ का मेगा डेयरी प्लांट, 3 अक्टूबर को अमित शाह भोपाल से करेंगे डिजिटल भूमिपूजन
उज्जैन में लगेगा 255 करोड़ का मेगा डेयरी प्लांट। (एआई इमेज)

HighLights

  1. 3 लाख लीटर प्रतिदिन से शुरुआत
  2. 5 लाख लीटर तक बढ़ेगी क्षमता
  3. इस प्लांट की कुल लागत 255 करोड़ रुपये है

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : मध्यप्रदेश को 2028 तक देश का मिल्क कैपिटल बनाने के लक्ष्य के बीच उज्जैन में डेयरी सेक्टर के विस्तार की बड़ी आधारशिला रखी जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल से उज्जैन के 255 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे।

प्लांट की शुरुआत रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण से होगी और भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन की जा सकेगी। इससे उज्जैन सहित आसपास के जिलों में दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन को नया आधार मिलेगा।


मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा स्थापित किए जा रहे इस प्लांट की कुल लागत 255 करोड़ रुपये है। इसमें 170 करोड़ रुपये राज्य शासन अनुदान के रूप में देगा, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि प्लांट को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस तरह विकसित किया जाएगा कि इसकी क्षमता तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन की जा सके।

पैक्ड दूध से घी तक होगा उत्पादन

नए प्लांट में केवल दूध की प्रोसेसिंग नहीं होगी, बल्कि कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसमें रोज 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा प्रतिदिन 10 मीट्रिक टन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

इससे स्थानीय स्तर पर दूध के मूल्यवर्धन की क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं तक अलग-अलग डेयरी उत्पाद पहुंचाने के लिए सहकारी तंत्र को मजबूती मिलेगी। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा कि प्लांट से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा। भविष्य में पांच लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तार की व्यवस्था रखी गई है। इससे दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।

उज्जैन संघ पहले से रोज 4.11 लाख लीटर दूध जुटा रहा

डेयरी प्लांट की जरूरत को उज्जैन दुग्ध संघ के मौजूदा कामकाज से भी समझा जा सकता है। विधानसभा में जुलाई 2025 में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ का प्रतिदिन 4.11 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य था, जबकि रोज 3.68 लाख लीटर दूध की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। संघ से 73 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े थे।

दूध उत्पादन में मप्र देश में तीसरे स्थान पर

  • 2024-25 में मध्यप्रदेश का अनुमानित दूध उत्पादन 225.96 लाख टन रहा।
  • देश के कुल दूध उत्पादन में मप्र की हिस्सेदारी 9.12 प्रतिशत रही और राज्य तीसरे स्थान पर रहा।
  • 2023-24 में उत्पादन 213.26 लाख टन था, जो 2024-25 में बढ़कर 225.96 लाख टन हुआ—करीब 5.95 प्रतिशत की वृद्धि।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2028 तक मध्यप्रदेश को देश का ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से रखा है।
  • राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों को उन्नत पशु उपलब्ध कराने और उत्पादकता बढ़ाने वाली योजनाएं भी संचालित कर रही है।

यह भी जानिए

भारत का कुल दूध उत्पादन 2024-25 में 247.87 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 3.58 प्रतिशत अधिक है। मध्यप्रदेश की 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी उसे देश के प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों में रखती है।

यह भी पढ़ें- अमित शाह का 23 घंटे का भोपाल दौरा: 35 हजार गोपालकों से करेंगे संवाद, ₹16.80 करोड़ के डेयरी प्लांट की देंगे सौगात