
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : मध्यप्रदेश को 2028 तक देश का मिल्क कैपिटल बनाने के लक्ष्य के बीच उज्जैन में डेयरी सेक्टर के विस्तार की बड़ी आधारशिला रखी जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर को भोपाल से उज्जैन के 255 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि-पूजन करेंगे।
प्लांट की शुरुआत रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण से होगी और भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन की जा सकेगी। इससे उज्जैन सहित आसपास के जिलों में दूध के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन को नया आधार मिलेगा।
मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ द्वारा स्थापित किए जा रहे इस प्लांट की कुल लागत 255 करोड़ रुपये है। इसमें 170 करोड़ रुपये राज्य शासन अनुदान के रूप में देगा, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि प्लांट को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस तरह विकसित किया जाएगा कि इसकी क्षमता तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन की जा सके।
नए प्लांट में केवल दूध की प्रोसेसिंग नहीं होगी, बल्कि कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसमें रोज 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ उत्पादन की क्षमता होगी। इसके अलावा प्रतिदिन 10 मीट्रिक टन क्षमता का घी प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।
इससे स्थानीय स्तर पर दूध के मूल्यवर्धन की क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं तक अलग-अलग डेयरी उत्पाद पहुंचाने के लिए सहकारी तंत्र को मजबूती मिलेगी। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के प्रबंध संचालक जयदेव बिस्वास ने कहा कि प्लांट से दुग्ध उत्पादकों से प्राप्त दूध का बेहतर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन सुनिश्चित होगा। भविष्य में पांच लाख लीटर प्रतिदिन तक विस्तार की व्यवस्था रखी गई है। इससे दुग्ध उत्पादन, संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की पूरी श्रृंखला मजबूत होगी।
डेयरी प्लांट की जरूरत को उज्जैन दुग्ध संघ के मौजूदा कामकाज से भी समझा जा सकता है। विधानसभा में जुलाई 2025 में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ का प्रतिदिन 4.11 लाख लीटर दूध संग्रहण का लक्ष्य था, जबकि रोज 3.68 लाख लीटर दूध की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। संघ से 73 हजार दुग्ध उत्पादक सदस्य जुड़े थे।
भारत का कुल दूध उत्पादन 2024-25 में 247.87 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 3.58 प्रतिशत अधिक है। मध्यप्रदेश की 9.12 प्रतिशत हिस्सेदारी उसे देश के प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों में रखती है।
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