• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ujjain Mahakal Temple: उज्जैन के महाकाल मंदिर में अधूरी तैयारियों के बीच शुरू की भस्म आरती की नई व्यवस्था

महाकाल भस्म आरती : भक्तों को नहीं मिल पा रही जानकारी, व्यवस्था में कई विसंगतियां, पारदर्शी होने के दावों का निकला दम।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 03 Jun 2024 09:50:43 AM (IST)Updated Date: Mon, 03 Jun 2024 10:01:21 AM (IST)
Ujjain Mahakal Temple: उज्जैन के महाकाल मंदिर में अधूरी तैयारियों के बीच शुरू की भस्म आरती की नई व्यवस्था
उज्जैन में महाकाल की भस्मारती।

HighLights

  1. भस्म आरती दर्शन अनुमति के लिए नया साफ्टवेयर तैयार कराया है।
  2. 1 जून से नई व्यवस्था के तहत भस्म आरती की अनुमति जारी की जा रही है।
  3. अगस्त, सितंबर व अक्टूबर माह के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।

Ujjain Mahakal Temple: नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 1 जून से आधी अधूरी तैयारी के बीच भस्म आरती की नई दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। जल्दबाजी में लागू की गई इस व्यवस्था ने इसके पारदर्शी होने के दावों का दम निकाल दिया है। भक्तों के साथ मंदिर समिति की आइटी शाखा को भी वर्तमान स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है। मामले में अफसर अब सफाई देते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर समिति आनलाइन सिस्टम के क्रम विकास की योजना बना रही है। यह भी तय किया जा रहा है कि भक्तों को क्या जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

उज्जैन में महाकाल मंदिर समिति ने भस्म आरती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भस्म आरती दर्शन अनुमति के लिए नया साफ्टवेयर तैयार कराया है। 1 जून से नई व्यवस्था के तहत भस्म आरती की अनुमति जारी की जा रही है। समिति ने 1 से 31 जुलाई की सीटों को नए साफ्टवेयर के माध्यम से बुक कर दिया है। इसके साथ ही अगस्त, सितंबर व अक्टूबर माह के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।


अधिकारियों का कहना था कि यह व्यवस्था पारदर्शी है, इसके माध्यम से भक्तों को सुविधा पूर्वक भस्म आरती दर्शन की अनुमति मिलेगी। लेकिन योजना लागू होने के अगले ही दिन इस पर सवाल खड़े होने लगे, भक्तों का कहना है कि उन्हें सीट संख्या की जानकारी नहीं मिल पा रही है। बुकिंग के समय उनके आवेदन की संख्या कितनी है और समिति ने किन लोगों को अनुमति जारी की है, जैसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब भक्त तलाश रहे हैं।

naidunia_image

जुलाई माह में खाली रह गई 3242 सीट का क्या होगा, पता नहीं

मंदिर समिति ने जुलाई माह के लिए 9153 भक्तों को दर्शन अनुमति जारी की है। इसके बाद जुलाई माह के लिए आनलाइन बुकिंग को बंद कर दिया गया है। समिति प्रतिदिन 400 भक्तों को आनलाइन अनुमति जारी करती है। इस हिसाब से जुलाई माह में 12400 अनुमति जारी होना थी। ऐसे में आनलाइन की 3242 सीट खाली रह गई है।अब इन सीटों को कैसे भरा जाएगा, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।

मुझे दिखाई नहीं दे रही सीट संख्या

अगस्त, सितंबर व अक्टूबर माह में कितने भक्तों ने दर्शन अनुमति के लिए आवेदन किया है, इसकी संख्या मुझे नजर नहीं आ रही है। जिसने साफ्टवेयर डेवल्प किया है, वे ही इसके बारे में बता पाएंगे। इस संबंध में आपको प्रशासक या कलेक्टर से बात करना पड़ेगी। इस साफ्टवेयर पर कुछ भी देख पाना मुश्किल है। -राजकुमार सिंह, प्रभारी अधिकारी, आइटी शाखा, महाकाल मंदिर

साफ्टवेयर के क्रम विकास पर विचार कर रहे

नए साफ्टवेयर के क्रम विकास पर विचार किया जा रहा है। भक्तों को कितनी जानकारी देना उचित रहेगा, यह प्रमुख विषय है। क्योंकि सभी प्रकार की जानकारी देने से वाद विवाद बढ़ता है। जुलाई माह के लिए आनलाइन बुकिंग बंद हो गई है। खाली रह गई सीटों को कैसे भरा जाएगा, यह जानकारी आपको मंदिर प्रशासन से मिलेगी। -अर्थ जैन, एसडीएम व मंदिर के आईटी व्यवस्था के प्रभारी

रेलवे की तर्ज पर हो भस्म आरती की बुकिंग

मंदिर समिति को भस्म आरती बुकिंग रेलवे की तर्ज पर होना चाहिए। आइआरसीटीसी के साफ्टवेयर में सीट खाली रहने तक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहती है। सीट फुल होने के बाद ही वह बंद होता है। मंदिर में जुलाई माह की आनलाइन बुकिंग स्थिति को देखकर लगता है। इस साफ्टवेयर में सुधार की गई गुंजाइश है।

जानिए जुलाई माह में क्यों खाली रह गई सीट

एसडीएम अर्थ जैन ने बताया आनलाइन बुकिंग पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जाती है। प्रतिदिन 400 सीट का आवंटन होता है। जुलाई माह में जिन तारीखों में 400 या उससे अधिक लोगों ने आवेदन किया, उन तारीखों में प्रथम 400 लोगों को अनुमति जारी कर दी गई।

जिन तारीखों में आवेदकों की संख्या 400 से कम थी उन सभी को अनुमति तो जारी कर दी गई, लेकिन संख्या कम होने से पूरी 12400 सीट नहीं भरा पाई। साफ्टवेयर सिस्टम के अनुसार बुकिंग बंद होने के बाद अब खाली सीटों को भरने का जिम्मा मंदिर प्रशासन का है।