उज्जैन के भगवान महाकाल मंदिर में आतंकियों से निपटने के लिए एनएसजी कमांडो ने तीन घंटे चलाया ऑपरेशन
श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कैट कमांडो ने गुरुवार देर रात मॉकड्रिल की। रात 11 से ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 23 Oct 2026 08:06:04 AM (IST)Updated Date: Fri, 23 Oct 2026 08:06:04 AM (IST)
अभ्यास करते एनएसजी के ब्लैक कैट कमांडो। -सौजन्य मंदिर समितिHighLights
- ऑपरेशन महाकाल, तीन घंटे तक चला सुरक्षा अभ्यास
- आतंकी हमले से निपटने के लिए किया पूर्वाभ्यास
- प्रवेश-निकास द्वारों और आपात रास्तों का किया अध्ययन
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : श्री महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था परखने के लिए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के ब्लैक कैट कमांडो ने गुरुवार देर रात मॉक ड्रिल की। रात 11 से दो बजे तक चले इस अभ्यास में आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने, काल्पनिक आतंकियों को निष्क्रिय करने और मंदिर परिसर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का पूर्वाभ्यास किया गया।
महाकाल लोक से त्रिनेत्र कंट्रोल रूम तक रिहर्सल
सुरक्षा एजेंसियों ने प्रमुख धार्मिक स्थलों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए यह अभ्यास किया। इसके तहत महाकाल लोक, मानसरोवर भवन और त्रिनेत्र कंट्रोल रूम के आसपास माक ड्रिल की गई। आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो ने आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
प्रवेश-निकास द्वारों और आपात रास्तों का किया अध्ययन
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पर्वों और विशेष अवसरों पर भीड़ बढ़ने से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए कमांडो ने मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों, आपातकालीन रास्तों तथा रणनीतिक स्थानों का जायजा लिया। अभ्यास का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति में कम से कम समय में कार्रवाई कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को परखना था। उल्लेखनीय है कि महाकाल महालोक का निर्माण होने के बाद से उज्जैन में भगवान महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन करने आ रहे हैं। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है।
सितंबर 2023 में भी हुआ था सुरक्षा अभ्यास
महाकाल मंदिर परिसर में इससे पहले 25 सितंबर 2023 की रात को भी एनएसजी कमांडो ने मॉक ड्रिल की थी। उस दौरान भी आतंकी हमले जैसी स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं के रेस्क्यू का पूर्वाभ्यास किया गया था।