
नईदुनिया प्रतिनिधि, मालवा-निमाड़। सूर्य आराधना के महापर्व मकर संक्रांति पर मालवा-निमाड़ अंचल में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। उज्जैन में भगवान महाकाल का तिल-उबटन से अभिषेक होगा, ओंकारेश्वर में तिल-गुड़ का भोग अर्पित कर श्रद्धालु नर्मदा स्नान करेंगे। वहीं खरगोन के नवग्रह मंदिर में 151 पंडितों द्वारा 51 हजार सत्यनारायण कथा का पाठ किया जाएगा। तीनों प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर विशेष पूजा-अर्चना, भोग और अनुष्ठान होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्मलाभ लेंगे। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
महाकाल मंदिर में गुरुवार तड़के चार बजे भस्म आरती के बाद पुजारी भगवान महाकाल को तिल के उबटन से स्नान कराएंगे। फिर तिल-गुड़ से बने पकवानों का महाभोग अर्पित कर विशेष आरती की जाएगी। सहायक प्रशासक आशीष फलवाड़िया ने पुजारियों के हवाले से बताया कि सूर्य देव बुधवार को दोपहर तीन बजकर आठ मिनट के बाद मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी कारण महाकाल मंदिर में सूर्य के उत्तरायण पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा।
देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर को तिल-गुड़ के लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। संक्रांति पर्व यहां 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचते हैं।
पंडित आशीष दीक्षित ने दर्शन के दौरान नियमों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। नवग्रह मंदिर में 151 पंडित करेंगे 51 हजार सत्यनारायण कथा पाठ सूर्य आराधना के महापर्व मकर संक्रांति का खरगोन में विशेष धार्मिक महत्व है। कुंदा नदी तट पर स्थित प्राचीन सूर्य प्रधान श्री नवग्रह मंदिर में तड़के चार बजे से 151 प्रशिक्षित पंडितों द्वारा 51 हजार श्री सत्यनारायण कथा का पाठ किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान लगातार 18 घंटे यानी रात 10 बजे तक चलेगा। करीब एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है।
बता दें कि नवग्रह मंदिर की स्थापना करीब 250 वर्ष पहले मकर संक्रांति के दिन ही हुई थी। ज्योतिषियों के अनुसार वर्ष 2026 सूर्य देव का वर्ष माना जा रहा है। इस खास मौके पर मंदिर की परंपरा अनुसार सत्यनारायण कथा के सामूहिक पाठ का आयोजन किया गया है।