
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन । मध्य प्रदेश में कार्यरत आउटसोर्स बिजली कर्मचारी धनतेरस से भाईदूज तक तीन दिन दीपावली अवकाश मनाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 18 साल से अवकाश के दिन भी काम कर रहे हैं, लेकिन आज तक अवकाश का नकदीकरण नहीं हुआ है। इसलिए कर्मचारी इस साल अवकाश के दिन काम नहीं करेंगे, बल्कि परिवार के साथ दीपोत्सव मनाएंगे।
काम बंद करने का निर्णय
आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव ने बताया कि उज्जैन सहित मध्य प्रदेश के 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली पर काम बंद आंदोलन करने का निर्णय लिया है। कर्मचारी 18 से 20 अक्टूबर तक धनतेरस से दीपावली तक अवकाश पर रहेंगे। इस सांकेतिक आंदोलन के माध्यम से सरकार के समक्ष विभिन्न मांगों को रखा गया है।
इनमें सेंट्रल आउटसोर्स कर्मचारियों की तरह मध्य प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने, आउटसोर्स कर्मचारियों को आत्मनिर्भर अभियान में शामिल कर ठेकेधारी की पराधीनता से मुक्त करने सहित 25 मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश में मिनिमम वेजेस 5 साल की जगह 9 साल में रिवाइज हो रही है। इस घाटे की भरपाई अतिरिक्त पगार देकर की जानी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार को उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश व हरियाणा की तर्ज पर नीति लागू करना चाहिए।