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भंडारों से हटेगी प्लास्टिक की थाली, श्रावण में चलेगा 'ग्रीन उज्जैन' अभियान

श्रावण में उज्जैन की तस्वीर बदली नजर आएगी। नगर निगम ने 'ग्रीन उज्जैन' अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 01:40:06 PM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 01:51:07 PM (IST)
भंडारों से हटेगी प्लास्टिक की थाली, श्रावण में चलेगा 'ग्रीन उज्जैन' अभियान
पत्तल में दिया जाएगा भंडारे का प्रसाद। - एआई इमेज

HighLights

  1. बायोडिग्रेडेबल बर्तनों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा
  2. श्रावण में पूरे शहर में रोजाना हजारों भंडारे होते हैं
  3. बायोडिग्रेडेबल बर्तन अपनाने वालों को निगम करेगा सम्मानित

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण मास में शहर में हजारों भंडारों और धार्मिक आयोजनों की तस्वीर इस बार बदली नजर आएगी। श्रद्धालुओं को प्लास्टिक और थर्माकोल की प्लेटों में भोजन परोसने के बजाय बायोडिग्रेडेबल बर्तनों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। नगर निगम ने श्रावण को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।

इस अभियान के दायरे में मंदिर, आश्रम, होटल, भोजनालय, सामाजिक संस्थाएं और भंडारा आयोजक सभी आएंगे। नगर निगम का मानना है कि श्रावण में सफल प्रयोग होने पर यही मॉडल सिंहस्थ-2028 में भी बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।

दरअसल, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा बैठक में श्रावण माह की कार्ययोजना तय की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि धार्मिक आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो और आयोजकों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।


कई बड़े भंडारे आयोजित होते हैं

खासतौर पर प्लास्टिक और थर्माकोल की प्लेट, गिलास, कटोरी और चम्मच के स्थान पर जैव अपघटनीय सामग्री के उपयोग पर जोर रहेगा। श्रावण में हर दिन महाकाल मंदिर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में भंडारे और धार्मिक आयोजन होते हैं। ऐसे आयोजनों के बाद बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

इसे देखते हुए निगम ने इस बार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए अभियान तैयार किया है। अधिकारियों को मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई, नियमित कचरा संग्रहण और गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अभियान केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहेगा।

शहर के होटल, रेस्टोरेंट और भोजनालयों को भी प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जो प्रतिष्ठान स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था का बेहतर पालन करेंगे, उन्हें महापौर और निगम अध्यक्ष सम्मानित करेंगे। उद्देश्य यह है कि सम्मान के जरिए दूसरे संस्थानों को भी इस अभियान से जोड़ा जा सके।

मार्गों पर स्वच्छता संबंधी स्लोगन और ब्रांडिंग

श्रद्धालुओं तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के लिए शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर स्वच्छता संबंधी स्लोगन और ब्रांडिंग की जाएगी। वहीं स्कूलों में निबंध, स्लोगन, चित्रकला प्रतियोगिता और मैराथन जैसे कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों और युवाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। नगर निगम ने धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अपील की है कि वे 'प्लास्टिक मुक्त भंडारा, स्वच्छ उज्जैन हमारा' को जनभागीदारी का अभियान बनाएं।

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