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महाकाल की पहली सवारी से पहले परखीं तैयारियां, खुले गड्ढे और नालियां बंद करने के साथ बैरिकेडिंग करने के निर्देश

श्रावण मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी 3 अगस्त और नागपंचमी 17 अगस्त को लेकर उज्जैन प्रशासन फील्ड मोड में आ गया है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 24 Jul 2026 08:46:23 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 Jul 2026 08:56:43 AM (IST)
महाकाल की पहली सवारी से पहले परखीं तैयारियां, खुले गड्ढे और नालियां बंद करने के साथ बैरिकेडिंग करने के निर्देश
नगर निगम ने महाकाल सवारी मार्ग में शामिल कमरी मार्ग चौराहे को कोबल पत्थर से डिजाइन किया है। निगम का दावा है कि ये माडल चौराहा होगा, ऐसे खूबरसूत कार्य अन्य चौराहों पर भी किए जाएंगे।

HighLights

  1. कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता और दिशा-सूचक बोर्ड की व्यवस्थाएं परखी गईं
  2. नागचंद्रेश्वर मंदिर के लिए जरूरत पड़ने पर अस्थायी लोहे की सीढ़ियां लगाने की योजना भी तैयार रखने के निर्देश
  3. एडीजी, संभागायुक्त, कलेक्टर समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर से सवारी मार्ग तक पैदल निरीक्षण किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। श्रावण मास में भगवान महाकाल की पहली सवारी (3 अगस्त) और नागपंचमी पर्व (17 अगस्त) को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह फील्ड मोड में आ गया है। गुरुवार को एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा समेत प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने महाकाल मंदिर से लेकर पूरे सवारी मार्ग तक पैदल निरीक्षण कर तैयारियों की हकीकत परखी।

अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पहली सवारी निकलने से पहले सभी निर्माण कार्य पूरे हों, मार्ग पर कहीं भी खुले गड्ढे या नालियां न रहें और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा में किसी प्रकार की कमी नहीं हो। निरीक्षण की शुरुआत कर्कराज पार्किंग से हुई।


यहां से अधिकारियों ने गोंड बस्ती, चारधाम मंदिर के पास बनाए गए होल्डिंग एरिया, हरसिद्धि चौराहा, बड़ा गणेश मंदिर और महाकाल मंदिर तक पैदल भ्रमण कर नागपंचमी के दौरान बनने वाली दर्शन व्यवस्था की समीक्षा की। कतार प्रबंधन, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, विश्राम स्थल, स्वच्छता और दिशा-सूचक बोर्ड जैसी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। इसके बाद अधिकारियों का दल भगवान महाकाल की पारंपरिक सवारी के पूरे मार्ग पर निकला। महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, कहारवाड़ी, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और वापस महाकाल घाटी तक पैदल निरीक्षण कर सड़क, नालियों, बैरिकेडिंग और निर्माण कार्यों की स्थिति देखी गई।

जहां निर्माण कार्य अधूरे मिले, वहां संबंधित एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। एडीजी राकेश गुप्ता ने हरसिद्धि की पाल सहित भीड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बैरिकेडिंग लगाने, खुले गड्ढों और नालियों को तत्काल बंद करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि सवारी मार्ग ऐसा तैयार किया जाए कि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की बाधा या दुर्घटना की स्थिति न बने।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की

निरीक्षण के दौरान नागपंचमी पर वर्ष में केवल एक दिन खुलने वाले श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंदिर तक पहुंचने वाले पुल और दर्शन मार्ग का निरीक्षण किया। संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि पूर्व वर्षों की तरह जरूरत पड़ने पर लोहे की अस्थायी सीढ़ियां लगाने की योजना भी तैयार रखी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराए जा सकें।

कलेक्टर ने कहा कि श्रावण-भादौ की सभी सवारियां पूर्व वर्षों की तरह पूर्ण भव्यता, वैभव, गरिमा और श्रद्धा के साथ निकाली जाएंगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इन व्यवस्थाओं पर रहा सबसे ज्यादा फोकस

  • महाकाल मंदिर और नागचंद्रेश्वर दर्शन की कतार व्यवस्था
  • कर्कराज पार्किंग और होल्डिंग एरिया की तैयारी
  • सवारी मार्ग पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा
  • खुले गड्ढों व नालियों को तत्काल बंद कराने के निर्देश
  • पेयजल, स्वच्छता, विश्राम स्थल और संकेतक बोर्ड की व्यवस्था
  • निर्माणाधीन कार्य सवारी शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश

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