• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

सफाई व्यवस्था ठप... 3 माह से वेतन न मिलने पर सफाईकर्मी हड़ताल पर, नगर परिषद के बाहर दिया धरना

उल्लेखनीय है कि शनिवार को कर्मचारियों ने तहसीलदार अनिल मौरे को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि तीन माह का वेतन नहीं मिला, तो वे काम बंद कर देंगे। इ...और पढ़ें

By Prakash PrajapatEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 21 Dec 2025 10:51:49 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Dec 2025 10:51:48 PM (IST)
सफाई व्यवस्था ठप... 3 माह से वेतन न मिलने पर सफाईकर्मी हड़ताल पर, नगर परिषद के बाहर दिया धरना
3 माह से वेतन न मिलने पर सफाईकर्मी हड़ताल पर

नईदुनिया प्रतिनिधि, उन्हेल। गत तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल कर दी है। हड़ताल के कारण गली-मोहल्लों में कचरा बिखरा रहा और नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। उल्लेखनीय है कि शनिवार को कर्मचारियों ने तहसीलदार अनिल मौरे को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी थी कि यदि तीन माह का वेतन नहीं मिला, तो वे काम बंद कर देंगे। इसी क्रम में रविवार को कर्मचारी काम बंद कर नगर परिषद के बाहर हड़ताल पर बैठ गए।

विपक्ष और संगठनों का समर्थन, पुलिस मुस्तैद

हड़ताल की सूचना मिलने पर विपक्षी दल के ब्लॉक अध्यक्ष शंकर पटेल, पार्षद द्वारकाधीश सोनी, कन्नू शाह, नासिर शाह और अक्षय जैन परिषद पहुंचे और कर्मचारियों की आपबीती सुनी। इसके पश्चात अन्य पार्षद भी परिषद पहुंच गए, जहां स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा। कर्मचारियों का कहना है कि इतने लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से उन्हें भारी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल को देखते हुए राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी और अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के संदीप कुमार व सहसचिव संदीप सिंह भी पहुंचे और प्रभारी सीएमओ से वेतन को लेकर चर्चा की, लेकिन शाम तक कोई निराकरण नहीं निकल सका।


शासन से मिलने वाली चुंगी हुई बंद

नगर परिषद की इस माली हालत का मुख्य कारण शासन से मिलने वाली चुंगी का बंद होना बताया जा रहा है। शासन से परिषद को जो चुंगी मिलती थी, वह आना बंद हो गई है, जिससे परिषद आर्थिक संकट से गुजर रही है। पूर्व में भी वेतन न मिलने पर परिषद ने कर्मचारियों के हित के लिए लोन तक लिया था, जिससे तनख्वाह बांटी गई थी। लेकिन इस बार चुंगी कम आने से स्थिति अधिक गंभीर हो गई है।

परिषद अध्यक्ष का पक्ष: आय के स्रोतों पर काम जारी

वेतन संकट को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष शांतिलाल हलकारा का कहना है कि शासन से पूर्व में जो चुंगी मिलती थी, वह अब नहीं आ रही है। वर्तमान में परिषद को मात्र 9 लाख रुपये की चुंगी प्राप्त होती है, जबकि लगभग 20 से 25 लाख रुपये वेतन के रूप में कर्मचारियों को बांटना पड़ता है। परिषद की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण यह नौबत आई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर हित में आय के नए स्रोत बनाए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी।

इसे भी पढ़ें... करणी सेना की हुंकार... राजनीतिक दल बनाने का एलान, हरदा में जुटे 15 हजार से अधिक लोग, मांग पूरी नहीं होने पर करेंगे दिल्ली कूच