
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। शाही मस्जिद के आसपास पिछले चार दिनों से जारी सुरक्षा बंदोबस्त का असर अब आसपास के बाजारों की सामान्य दिनचर्या पर भी दिखाई देने लगा है। मस्जिद क्षेत्र में बैरिकेडिंग और आमजन की सीमित आवाजाही के कारण आसपास के व्यापारियों और रहवासियों को सामान्य स्थिति लौटने का इंतजार है।
कारोबारियों की चिंता किसी विवाद को लेकर नहीं, बल्कि बाजार की रफ्तार और रोजमर्रा की आवाजाही जल्द सामान्य होने को लेकर है। उनका कहना है कि शहर में शांति बनी रहे और सुरक्षा व्यवस्था के बीच रास्ते धीरे-धीरे सामान्य किए जाएं, ताकि बाजार फिर पहले की तरह चल सके।
मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम लोगों की आवाजाही सीमित है। इससे आसपास की दुकानों तक ग्राहकों के पहुंचने और सामान्य आवागमन पर असर पड़ रहा है। जिन व्यापारियों का कारोबार रोजाना आने-जाने वाले ग्राहकों पर निर्भर है, उनके लिए लगातार असामान्य स्थिति चिंता का कारण बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में सबसे जरूरी है कि अफवाहों से बचा जाए और किसी भी स्थिति को लेकर संयम रखा जाए।
मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बढ़ने के बाद आसपास के बाजारों का माहौल भी सामान्य दिनों से अलग नजर आ रहा है। रास्तों पर बैरिकेडिंग है और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण लोग अनावश्यक रूप से क्षेत्र में जाने से बच रहे हैं। व्यापारियों के लिए इसका सीधा मतलब ग्राहकों की आवाजाही कम होना है। आसपास के रहवासी भी सामान्य रास्तों और आवागमन की स्थिति बहाल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
व्यापारियों के बीच इस बात पर जोर है कि शहर का माहौल शांत रहे। उनका कहना है कि बाजार किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से सबसे पहले प्रभावित होता है। इसलिए जरूरी है कि प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे, लेकिन स्थिति नियंत्रित होने के साथ सामान्य आवाजाही की दिशा में भी कदम बढ़ाए जाएं।
मामला मास्टर प्लान-2035 के तहत सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और यातायात व्यवस्था से जुड़ा है। नगर निगम करीब 16 करोड़ रुपये से कोयला फाटक से कंठाल चौराहा, छत्री चौक होते हुए गोपाल मंदिर तक मार्ग को 15 मीटर चौड़ा कर रहा है। इस मार्ग में अब तक 272 मकान-दुकानों के साथ 12 धार्मिक स्थलों के प्रभावित हिस्से भी आपसी सहमति से हटाए जा चुके हैं। इसी क्रम में शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने की कार्रवाई चल रही है।
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गुरुवार को मस्जिद के बाधक हिस्से की तोड़ाई के दौरान मीनार का एक बड़ा हिस्सा टूटकर मुख्य छत पर गिर गया था। इससे मस्जिद की छत को नुकसान पहुंचा और मलबा अंदर गिरा, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और शहर काजी खलीकुर्रहमान ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की थी। शहर काजी ने घटना को तकनीकी दुर्घटना बताया था। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मस्जिद के करीब 500 मीटर क्षेत्र में आमजन और मीडिया की आवाजाही प्रतिबंधित रखी गई।
अफसर भी लगातार मौके का जायजा लेते रहे। फिलहाल बाजार और आसपास के लोगों की सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ शहर की सामान्य रफ्तार भी जल्द लौटे। व्यापारियों का कहना है कि शांति बनी रहे, रास्ते सुरक्षित रहें और बाजार फिर सामान्य तरीके से चले- यही सभी के हित में है।
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मार्ग चौड़ीकरण के लिए छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़े जाने के दौरान पुलिस पर पथराव और उपद्रव करने के मामले में गिरफ्तार नौ आरोपितों को बुधवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। गुरुवार को आरोपितों की ओर से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इस मामले में महाकाल थाना पुलिस पहले ही चार आरोपितों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज चुकी है।
इस तरह पुलिस कार्रवाई में अब तक 13 आरोपित जेल पहुंच चुके हैं।छत्रीचौक पर मार्ग चौड़ीकरण में बाधक बन रही शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई के दौरान सोमवार को अचानक स्थिति बिगड़ गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ लाठीचार्ज करना पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने घटना के वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान शुरू की।
खाराकुआं पुलिस ने इशान पुत्र मुबारिक खान निवासी मिल्कीपुरा, तैय्यब पुत्र मो. गनी निवासी पांच नंबर आगर नाका, सलमान पुत्र आजाद निवासी अहमद नगर चिमनगंज, कासिम पुत्र रिजवान निवासी बेगमबाग कालोनी, आशिक पुत्र इकबाल अब्दुल निवासी मसद्दीपुरा, साहिल खान पुत्र अब्दुल रसीद निवासी जयसिंहपुरा, शाबीर पुत्र अकरम निवासी गणेश कॉलोनी जयसिंहपुरा, शेख अल्फेज पुत्र आशिम निवासी गरीब नवाज कालोनी जयसिंहपुरा और समीर पुत्र मुबारिक निवासी शंकरपुर को गिरफ्तार किया था।
कोर्ट ने बुधवार को सभी आरोपितों को जेल भेज दिया था। गुरुवार को आरोपितों ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस अब पथराव और उपद्रव में शामिल अन्य लोगों की पहचान में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार घटना के उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। फुटेज में सामने आने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।