
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में स्वीकृत, प्रचलित और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत वाले सभी 175 निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया। इसके लिए चार चरणों में समय-सीमा निर्धारित की गई है।
लंबित स्वीकृतियां नवंबर 2026 तक लेने और निर्माण पूरा होते ही सुविधाओं को आमजन के उपयोग के लिए खोलने के निर्देश दिए। शिप्रा नदी के किनारे बन रहे 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों की पहुंच सड़क, पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट और सिंहस्थ सेल में आवश्यक अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना इसी सप्ताह सुनिश्चित करने को कहा। सभी विभागों को पर्याप्त अमले के साथ आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए।
महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित बर्तन और सराफा कारोबारियों के पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नजर अली मिल कंपाउंड अथवा कवेलू कारखाना क्षेत्र में विक्रमादित्य क्लाथ मार्केट की तर्ज पर नया बाजार विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए घट्टिया, तराना और आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी तथा होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। आसपास के स्कूल-कालेजों में शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने पंचकोसी यात्रा मार्ग पर बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग सिंहस्थ डिवीजन स्थापित करने को कहा।
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