जहां कृष्ण ने सीखीं 64 कलाएं, वह धरोहर बताएगी शिक्षा में जीवन मूल्यों का महत्व, संवरेगा उज्जैन का सांदीपनि आश्रम
भगवान श्रीकृष्ण ने जिस भूमि पर गुरु सांदीपनि के सान्निध्य में 64 कलाओं और 16 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया, वह अब शिक्षा के साथ संस्कारों और जीवन मूल...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 08:13:20 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 08:13:20 AM (IST)
महर्षि सांदीपनि आश्रम का मुख्य प्रवेश द्वार। -फाइल फोटोHighLights
- 130.75 करोड़ रुपये से संवरेगा उज्जैन का सांदीपनि आश्रम
- कृष्ण, सुदामा, बलराम के बाल्यकाल की कथाएं डिजिटल गैलरी में होंगी साकार
- तकनीक के माध्यम से गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को जान सकेंगे
धीरज गोमे, नईदुनिया, उज्जैन : भगवान श्रीकृष्ण ने जिस भूमि पर गुरु सांदीपनि के सान्निध्य में 64 कलाओं और 16 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया, वह अब शिक्षा के साथ संस्कारों और जीवन मूल्यों की महत्ता भी बताएगी।
उज्जैन का महर्षि सांदीपनि आश्रम अब केवल आस्था और दर्शन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय गुरुकुल परंपरा को समझने का अवसर भी देगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ-2028 से पहले 130 करोड़ 75 लाख रुपये के बजट से कार्य कराएगी।
तकनीक के माध्यम से गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को जान सकेंगे
आश्रम में ऐसा अनुभव क्षेत्र (एक्सपीरियंस जोन) विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालु वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और आगमेंटेड रियलिटी (एआर) तकनीक के माध्यम से गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को जान सकेंगे। डिजिटल गैलरी में भगवान श्रीकृष्ण, सुदामा और बलराम के बाल्यकाल की कथाएं अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से प्रस्तुत की जाएंगी।
ऐतिहासिक गोमती कुंड का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण किया जाएगा
इसके साथ ही आश्रम के ऐतिहासिक गौमती कुंड का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण किया जाएगा, ताकि उसकी संरचना और जल सुरक्षित रहे। परिसर में मालवा की पारंपरिक वास्तुकला, नक्काशीदार पत्थरों और टेराकोटा का उपयोग प्रस्तावित है। इससे स्थानीय स्थापत्य परंपरा को भी पहचान मिलेगी।
दरअसल, गुरुकुल की प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति में ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं था। गुरु के सान्निध्य में विद्यार्थी विद्याओं और कलाओं के साथ अनुशासन, कर्तव्य, सहअस्तित्व और जीवन के व्यवहारिक पक्षों को भी सीखते थे। सांदीपनि आश्रम का विकास इसी परंपरा को नई पीढ़ी और देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने का अवसर बनेगा।
दर्शन धाम में 14 साल बाद निकली भगवान की शोभायात्रा
उज्जैन : मक्सी रोड स्थित दर्शन धाम में 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रविवार को भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। भगवान को रजत वेदी पर विराजमान कर शोभायात्रा निकली। पश्चात भगवान का कलशाभिषेक व शांतिधारा हुई। दर्शन धाम परिसर में विराजित 24 तीर्थंकर भगवान पर 24 परिवारों ने छत्र चढ़ाए।