
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। भगवान महाकाल की सवारी मार्ग को सुंदर और एकरूप बनाने के लिए बुलाई गई व्यापारियों और रहवासियों की बैठक का समापन सहमति के बजाय विवाद के साथ हुआ। अबिका होटल में रविवार को हुई बैठक में 150 से अधिक व्यापारियों ने दुकानों-प्रतिष्ठानों की रंग-सज्जा, एक समान साइन बोर्ड, अतिक्रमण हटाने और मार्ग के सुंदरीकरण के प्रस्ताव का समर्थन किया।
करीब एक घंटे तक बैठक सामान्य रही, लेकिन विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के वक्तव्य के दौरान माहौल गर्मा गया। व्यापारियों ने चौड़ीकरण और अपनी समस्याओं पर बात रखने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं सुनी जाने और विधायक के कथित वचनों पर कुछ व्यापारी भड़क गए। मामला इतना बढ़ा कि विधायक बैठक से निकल गए। इसके बाद व्यापारियों ने विरोध में 14 सितंबर को बैनर लगाने और 15 सितंबर को पटनी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया।
बैठक की शुरुआत दोपहर 3 बजे सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, महापौर मुकेश टटवाल और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के संबोधन तथा निगम के पावर पाइंट प्रेजेंटेशन से हुई। इसमें सवारी मार्ग को एकरूप स्वरूप देने की योजना रखी गई। दुकानों और भवनों की रंग-सज्जा, साइन बोर्ड का एक जैसा डिजाइन, अतिक्रमण नियंत्रण और पूरे मार्ग के सुंदरीकरण पर चर्चा हुई। व्यापारियों ने इन प्रस्तावों का समर्थन किया।
बैठक में कहारवाड़ी और बक्षी बाजार क्षेत्र के व्यापारी सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी अपनी बात रखना चाहते थे। इसी दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपना वक्तव्य शुरू किया। बैठक में मौजूद पार्षद माया त्रिवेदी के अनुसार, व्यापारियों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला और स्थिति बिगड़ गई। पार्षद त्रिवेदी ने ‘नईदुनिया’ से चर्चा में आरोप लगाया कि विधायक ने विरोध करने वाले व्यापारियों के मकान तुड़वाने की धमकी दी।
इस कथित टिप्पणी के बाद व्यापारी विरोध में खड़े हो गए। विधायक के बैठक से जाने के बाद एमआइसी सदस्य प्रकाश शर्मा ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। उन्होंने व्यापारियों से शांत रहने और अपनी जगह बैठने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बात कही गई है तो उसका समाधान इसी मंच से किया जाएगा। इधर, पार्षद अर्पित दुबे ने बैठक में कुछ जनप्रतिनिधियों को नहीं बुलाने पर आपत्ति जताई है।
पार्षद माया त्रिवेदी ने कहा कि सवारी मार्ग के व्यापारियों और रहवासियों को बुलाकर इस तरह अपमानित किया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण में जमीन और मकान देने के बाद टूटे मकान-दुकानों को व्यवस्थित करने का खर्च भी जनता को ही उठाना है, ऐसे में धमकी भरा रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार इसी विरोध में व्यापारियों ने 14 सितंबर को बैनर लगाने और 15 सितंबर को पटनी बाजार बंद रखने का निर्णय लिया है।
निगम की योजना के अनुसार सवारी मार्ग को सिर्फ चौड़ा करना ही उद्देश्य नहीं है। सड़क के दोनों ओर दुकानों, प्रतिष्ठानों और भवनों के बाहरी स्वरूप को एकरूप करने, साइन बोर्ड के लिए समान डिजाइन तय करने और अतिक्रमण व्यवस्थित करने की तैयारी है।
योजना में सत्यनारायण मंदिर से ढाबा रोड, छत्री चौक, पानी की टंकी, कोयला फाटक से निजातपुरा-कंठाल तथा कंठाल से सती गेट और छत्री चौक तक के हिस्से शामिल हैं। सिंहस्थ-2028 से पहले मार्ग का व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप तैयार करना इसका बड़ा उद्देश्य है।
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बैठक मूल रूप से सुंदरीकरण के लिए थी, चौड़ीकरण के लिए नहीं। कुछ लोग चौड़ीकरण का विरोध कर रहे थे। उनके अनुसार शहर के जिन मार्गों के चौड़ीकरण के निर्णय तय मापदंडों और आम सहमति से लिए गए हैं, वहां चौड़ीकरण होगा। छोटी-मोटी बाधाओं को मिल-बैठकर हल किया जाएगा। अलग-अलग विचार होने के कारण ऐसी बैठकों में बहस होना स्वाभाविक है। - अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक