
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : कोयला फाटक से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ा करने में शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने की प्रक्रिया लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को मस्जिद के अग्रिम हिस्से में स्थित दो गुंबद और मीनार के ऊपरी हिस्से की तोड़ाई का काम हुआ।
पूरा काम सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए पुलिस- प्रशासनिक ने विशेष इंतजाम बनाए रखे। एक बड़े मचान (स्कैफोल्डिंग) के सहारे कारीगर और मजदूर सुरक्षा उपकरणों के साथ ऊपरी संरचनाओं, गुंबद और मीनार के हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से हटा रहे हैं।
मालूम हो कि मास्टर प्लान-2035 अंतर्गत सिंहस्थ- 2028 की तैयारी और सड़क सुरक्षा के मद्देनजर नगर निगम 16 करोड़ रुपये से कोयला फाटक से कंठाल चौराहा, छत्री चौक होकर गोपाल मंदिर तक मार्ग 15 मीटर चौड़ा कर रहा है। अधिकांश काम हो चुका है।
इस मार्ग के चौड़ीकरण में अब तक 272 मकान-दुकानों और 12 धार्मिक के प्रभावित हिस्सों को हटाया जा चुका है। इनमें खड़े हनुमान मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर, टकसाली गणेश मंदिर भी शामिल हैं। शाही मस्जिद के 10 फीट बाधक हिस्से को हटाने की कार्रवाई दो दिन पहले सोमवार को ही शुरू हुई थी।
तोड़ाई कार्य प्रशासन से किए आपसी समझौते के तहत मस्जिद प्रबंध कमेटी ही अपने मजदूर लगाकर करवा रही है। मामला संवेदनशील है इसलिए प्रशासन और शहरकाजी लगातार अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है। हाईकोर्ट तक ने सिंहस्थ के मद्देनजर मार्ग चौड़ीकरण को जरूरी बताया है।
स्थिति नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने मस्जिद के 500 मीटर के दायरे में सभी सीसीटीवी कैमरे बंद करवा दिए हैं। बैरिकेडिंग लगाकर आम लोगों की आवाजाही भी बंद की हुई है। मीडिया को भी क्षेत्र में नहीं जाने दिया जा रहा है।
मार्ग चौड़ीकरण के ही जद में आए खड़े हनुमान मंदिर को 4 सितंबर को तोड़ दिया था। हालांकि मूर्ति वहीं विराजित है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि खड़े हनुमान को भव्य रूप से विस्थापित करने की योजना बनी है। स्थान को लेकर मंथन जारी है। सभी पक्षों से चर्चा अंतिम दौर में है। हालांकि अधिकारियों ने औपचारिक रूप से इस पर कोई बयान नहीं दिया है।
शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़े जाने के दौरान सोमवार को पुलिस पर पथराव करने और उपद्रव मचाने वाले नौ आरोपितों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया है। सभी आरोपितों को न्यायालय ने 12 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले में अरशद नामक आरोपित अभी फरार है।
पुलिस उसकी तलाश के साथ ही पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में चार अन्य आरोपित मंगलवार को ही जेल भेजे जा चुके हैं।
यह भी पढ़ें- उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में बड़ा खुलासा, AI के फर्जी वीडियो और फोटो से भड़का था हंगामा, कई पर FIR दर्ज