• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • उज्जैन

उज्जैन के बालगृह की सुरक्षा में सेंध... बाथरूम की ग्रिल तोड़कर तीन बच्चे फरार, प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम लालपुर में संचालित बालगृह से मंगलवार शाम तीन बच्चे बाथरूम की ग्रिल तोड़कर फरार हो गए। यह पहला मौका नहीं है जब ब...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 06 May 2026 09:07:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 06 May 2026 09:07:10 PM (IST)
उज्जैन के बालगृह की सुरक्षा में सेंध... बाथरूम की ग्रिल तोड़कर तीन बच्चे फरार, प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप
उज्जैन के बालगृह की सुरक्षा में सेंध... बाथरूम की ग्रिल तोड़कर तीन बच्चे फरार

HighLights

  1. बाथरूम की ग्रिल तोड़कर बालगृह से तीन बच्चे फरार
  2. बच्चों को प्रताड़ित करने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होने का दावा
  3. अधीक्षक की गैरमौजूदगी में हुई घटना, अब बचे मात्र 14 बच्चे

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ग्राम लालपुर में संचालित बालगृह से मंगलवार शाम तीन बच्चे बाथरूम की ग्रिल तोड़कर फरार हो गए। यह पहला मौका नहीं है जब बालगृह से बच्चे फरार हुए हैं। कुछ माह पहले भी यहां से दो बच्चे गायब हो चुके हैं। सूत्र बताते हैं गंभीर खामियों के बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस की सांठगांठ से जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती है।

उपेक्षित बच्चों की देखरेख और प्रताड़ना की शिकायतें

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित लालपुर बालगृह में उपेक्षित बच्चों को रखा जाता है। यहां की देखरेख के लिए बाल कल्याण समिति अस्तित्व में है। बताया जाता है बावजूद इसके यहां रहने वाले बच्चों को प्रताड़ना मिलती है। इसके कारण बच्चे आरोपितों के तरीके अपनाकर भाग खड़े होते हैं। मामले की शिकायत पुलिस में भी की जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। सूत्र बताते हैं बच्चों के मिलने पर प्रबंधन की पोल खुलने तथा प्रताड़ित करने वालों के चेहरे बेनकाब होने का डर रहता है।


प्रभारी नदारद, व्यवस्थाओं के नाम पर लीपापोती

बालगृह का प्रभार अधीक्षक ब्रजेश वर्मा के पास है। बताया जाता है वर्मा अधिकांश समय बाहर रहते हैं और बालगृह का चार्ज लोकेंद्र सोलंकी के पास रहता है। हालांकि बुधवार को बालगृह का जिम्मा अधीक्षक वर्मा के ही पास था। मामले की जानकारी के लिए जब लोकेंद्र सोलंकी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल बालगृह की व्यवस्था अधीक्षक वर्मा देख रहे हैं, वे ही इस संबंध में बता सकते हैं। मैं तो बच्चों के भोजन की व्यवस्था देख रहा हूं।

अब सिर्फ 14 बच्चे निवासरत, निगरानी बढ़ाई गई

बालगृह में 17 बच्चे निवास कर रहे थे। इनमें से बुधवार सुबह तीन बच्चे फरार हुए हैं। बताया जाता है एक बच्चा शाजापुर से यहां लाया गया था। दो बच्चे उज्जैन के ही थे। बालगृह प्रबंधन अब शेष 14 बच्चों की कड़ी निगरानी कर रहा है। घटना के बाद से बालगृह की सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें- इंदौर में सड़क पर गुंडागर्दी... कट मारने पर स्कूटर सवारों की बेरहमी से पिटाई, पुलिस ने अपहरण के आरोपियों का निकाला जुलूस