उज्जैन के निगम अधिकारी का थाईलैंड में मगरमच्छ खाने का वीडियो वायरल, कमिश्नर ने दिए कार्रवाई के संकेत
उज्जैन नगर निगम के अधिकारी राजकुमार राठौर का पत्नी के साथ थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस खाते हुए वीडियो वायरल है। बिना अनुमति विदेश जाने पर उन पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
Publish Date: Sun, 25 Oct 2026 04:25:09 PM (IST)Updated Date: Sun, 25 Oct 2026 04:25:09 PM (IST)
अधिकारी का थाईलैंड में मगरमच्छ खाने का वीडियो वायरल। (सोशल मीडिया)HighLights
- उज्जैन निगम अधिकारी का मगरमच्छ खाते वीडियो वायरल।
- राजकुमार राठौर पत्नी के साथ थाईलैंड में हैं।
- अधिकारी ने विदेश यात्रा के लिए अनुमति नहीं ली।
डिजिटल डेस्क। उज्जैन नगर निगम के एक भवन अधिकारी का थाईलैंड में पत्नी के साथ मगरमच्छ का मांस खाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस क्लिप के सामने आने के बाद अफसर की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उन्होंने इस विदेश यात्रा के लिए विभाग से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए अब नगर निगम प्रशासन उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
थाईलैंड में चखा मगरमच्छ का मांस
वायरल वीडियो उज्जैन नगर निगम के जोन क्रमांक 1, 2 और 3 के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का बताया जा रहा है। वीडियो में राठौर अपनी पत्नी के साथ किसी रेस्तरां या फूड स्टॉल पर बैठे हैं। क्लिप पर अंग्रेजी में एक कैप्शन भी लिखा गया है- 'थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ ट्राई कर रहे हैं' (Trying crocodile for the first time in Thailand)।
छुट्टी ली, लेकिन विदेश जाने की भनक नहीं लगने दी
- इस पूरे विवाद पर नगर निगम के निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि भवन अधिकारी राजकुमार राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर के बीच चार दिन का अवकाश लिया था। लेकिन, अपने आवेदन में उन्होंने यह बिल्कुल नहीं बताया कि वे इस दौरान विदेश जा रहे हैं।
शासकीय नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को देश से बाहर जाने के लिए पहले अपने सक्षम अधिकारी से अनुमति (एनओसी) लेना अनिवार्य होता है। राठौर ने इस अहम नियम का सीधा उल्लंघन किया है। वेतनवृद्धि या पदोन्नति रुकने का खतरा
- बिना अनुमति के थाईलैंड घूमने जाने का मामला सामने आने के बाद अब अधिकारी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
- विभागीय जानकारों की मानें तो नियमों की इस तरह अनदेखी करने पर अधिकारी को नोटिस जारी कर निंदा की जा सकती है। इसके अलावा उन पर वेतनवृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने या भविष्य में पदोन्नति (प्रमोशन) बाधित करने जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।
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