उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड की कमी के चलते सोमवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने रेलवे से 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र भेजा है। रेलवे के पास इंदौर, उज्जैन व मांगलिया में चार रैक है। मंगलवार को जिला प्रशासन व रेलवे के अधिकारी उज्जैन स्टेशन पर खड़े आइसोलेशन कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे। डीआरएम के अनुसार एक रैक में 20 कोच हैं, प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को रखा जा सकता है। आइसोलेशन कोच की ट्रेन को विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ा किया जाएगा।

उज्जैन में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में रोजाना 200 से अधिक संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, ऐसे में उज्जैन के अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए बेड खत्म हो गए हैं। सोमवार को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि रेलवे से आइसोलेशन कोच की मांग की जाए। देर शाम को कलेक्टर आशीषसिंह ने रतलाम मंडल के डीआरएम विनीत गुप्ता को पत्र लिखकर कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए 200 बिस्तरों की व्यवस्था करने को कहा है। डीआरएम का कहना है कि उज्जैन में रेलवे का अस्पताल नहीं है। यहां रेलवे के आइसोलेशन कोच की व्यवस्था की जा सकती है। उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन खड़ी है। मंगलवार को रेलवे व जिला प्रशासन के अधिकारी कोच का निरीक्षण कर निर्णय लेंगे।

रेलवे तैयार, विक्रम नगर स्टेशन पर खड़ी कर देंगे ट्रेन

डीआरएम गुप्ता का कहना है कि रेलवे स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे के पास चार आइसोलेशन ट्रेन है। प्रत्येक ट्रेन में 20 कोच है। प्रत्येक कोच में 16 मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। एक कोच में दो आक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन कोचों में मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा सकता है।

डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है

डीआरएम के अनुसार रेलवे आइसोलेशन कोच देने को तैयार है। मगर रेलवे के पास डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ नहीं है। इनकी व्यवस्था स्थानीय प्रशासन को ही करना होगी। उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों का खासा दबाव रहता है ऐसे में उज्जैन स्टेशन पर आइसोलेशन कोचों वाली ट्रेन नहीं खड़ी की जा सकती। विक्रम नगर स्टेशन पर ट्रेन खड़ी की जा सकती है। वहां पर फिलहाल एक भी ट्रेन का स्टापेज नहीं है। वहीं उज्जैन से भी विक्रम नगर स्टेशन पास है।

कोच में रहेगी गर्मी, कूलर लगाना होंगे

आइसोलेशन कोच वाली ट्रेन स्लीपर कोच से बनाई गई है। इन कोच में बाहर जितना तापमान रहता है उससे तीन से चार डिग्री अधिक तापमान रहता है। इस समस्या से निपटने के लिए कोचों में कूलर लगाया जा सकता है। रेलवे का कहना है कि कोच के लिए पानी, बिजली व चादर की व्यवस्था कर देगा लेकिन उनकी सफाई व कोच के शौचालय की सफाई भी स्थानीय प्रशासन को करना होगी।

आइसोलेशन कोच लेने वाला दूसरा शहर होगा उज्जैन

कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आइसोलेशन कोच लेने वाला उज्जैन दूसरा शहर होगा। डीआरएम गुप्ता के अनुसार महाराष्ट्र के नंदूबार शहर ने रेलवे से आइसोलेशन कोच मांगे है। वहां के कलेक्टर व रेलवे के बीच एमओयू साइन हो चुका है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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