
उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर और श्री महाकाल महालोक के आसपास नगर निगम की उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (यूसीटीएसएल) के 250 ई-रिक्शा अब विधानसभा चुनाव के बाद ही चलेंगे। वजह, ई-रिक्शा चलाने को सारथी ट्रेवल्स का मिला सिंगल निविदा प्रस्ताव यूसीटीएसएल ने निरस्त कर दिया है। वजह ज्वाइंट वेंचर को लेकर सामने आए नियम भी है।
जानकारों का कहना है निविदा प्रस्ताव निरस्त करने से बाहरी श्रद्धालुओं को अभी कुछ दिन ओर निजी ई-रिक्शा चालकों द्वारा वसूले जा रहे मनमाने किराये का बोझ उठाना होगा। इस स्थिति ने भाजपा का वोट बैंक भी सुरक्षित कर दिया है। क्योंकि मुख्य कमाई वाले स्थान पर ई-रिक्शा चलाने की कमान एक निजी फर्म को दे दी जाती तो निश्चित तौर पर सत्तासीन भाजपा को विधानसभा चुनाव में इसका असर देखना पड़ता। निविदा प्रस्ताव निरस्त होना भाजपा के लिए एक अच्छा कदम साबित हुआ है।
मालूम हो कि ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर और श्री महाकाल महालोक के आसपास के मार्गाें पर यातायात का कुशल प्रबंधन करने को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के निर्देश पर चार महीने पहले नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह ने यूसीटीएसएल के माध्यम से महाकाल महालोक के आसपास 250 ई-रिक्शा संचालन व्यवस्था ठेके पर संचालित कराने को निविदा आमंत्रित की थी।
इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे तर्क दिया गया है कि मौजूदा ई-रिक्शा संचालक पर्यटकों से मनमाना किराया वसूलते हैं और ट्रैफिक नियमों का पालन भी नहीं करते। इससे उज्जैन की छवि खराब हो रही है। यदि ठेके पर ई-रिक्शा संचालित होंगे तो पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किफायती किराये पर सुरक्षित यात्रा करने का सुख मिलेगा। निविदा के दूसरे प्रयास में सारथी ट्रेवल्स ने हर माह अपनी शुद्ध आय का 20.8 प्रतिशत हिस्सा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल के तहत मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया।
फर्म ने किराया 10 से 60 रुपये तक वसूलने, हर रिक्शे में ग्लोबल पाजिशनिंग सिस्टम, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक चिकित्सा किट स्थापित करने की शर्त मानने, महिलाओं के लिए पिंक रिक्शा संचालित करने की स्वीकृति भी दी। अन्य शर्ताें का पालन करने का आश्वासन भी दिया। लगभग डेढ़ माह के विचार-विमर्श उपरांत यूसीटीएसएल ने निविदा प्रस्ताव यह कहकर निरस्त कर दिया कि सिंगल टेंडर है और ज्वाइंट वेंचर के नियम बाधा बन रहे हैं। इसलिए दोबारा निविदा आमंत्रित की जाएगी।
ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट तैयार कर लिया गया है। निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह के अनुसार ई-रिक्शा का संचालन त्रिवेणी संग्रहालय की पार्किंग, चारधाम मंदिर पार्किंग, छोटा रूद्रसागर पार्किंग, नीलकंठ वन मार्ग पार्किंग, मेघदूत वन पार्किंग, इंदौरगेट रेलवे स्टेशन, देवासगेट बस स्टैंड और नानाखेड़ा बस स्टैंड से संचालित होंगे। ठेका तीन वर्ष के लिए दिया जाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए शहर में 37 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन खोले जाना है। नगर निगम इसके लिए निविदा प्रक्रिया भी कर चुका है। पहले चरण में अगले 10 प्रमुख स्थानों नानाखेड़ा बस स्टैंड, देवास गेट बस स्टैंड, त्रिवेणी संग्रहालय के सामने महाकाल महालोक पार्किंग, भारत माता मंदिर क्षेत्र, नगर निगम मुख्यालय, ग्रांड होटल परिसर, स्मार्ट सिटी कंपनी कार्यालय परिसर, देवास रोड स्थित पुलिस पेट्रोल पंप, मक्सी रोड स्थित सिटी बस डिपो, महाकाल वाणिज्य केंद्र स्थित कासमास माल के सामने फास्ट चार्जिंग स्टेशन खोले जाने की बात महीनेभर पहले कही गई थी मगर इस दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल महालोक के आसपास ई-रिक्शा चलाने को दोबारा निविदा आमंत्रित की जाएगी। सिंगल टेंडर प्राप्त हुआ था, और ज्वाइंट वेंचर के नियम बाधा बन रहे थे, इसलिए पूर्व प्राप्त प्रस्ताव निरस्त कर दिया है।
रोशन कुमार सिंह, आयुक्त, नगर निगम