
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : कंठाल से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही शाही मस्जिद के बाधक हिस्से को तोड़ने के दौरान सोमवार को मचे उपद्रव में पुलिस ने आठ केस दर्ज किए हैं। इनमें 30 से अधिक लोग आरोपित बने हैं।
इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने और एआई आदि का गलत उपयोग कर आपत्तिजनक और मनगढ़ंत कंटेंट, रील और पोस्ट प्रसारित करने के मामले में भी चार अन्य युवकों पर भी बीएनएस की अलग-अलग धाराओं में कायमी की है।

गोपाल मंदिर क्षेत्र में इस तरह बेरिकेडिंग की गई थी। -नईदुनिया
ये इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय युवक हैं और खुद को इन्फ्लुएंसर बताते हैं। पुलिस की शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि सोमवार सुबह बाधक हिस्से की तोड़ाई के दौरान सोशल मीडिया पर यह संदेश वायरल किया गया कि जेसीबी से मस्जिद तोड़ी जा रही है, सभी मस्जिद पहुंचो।
साथ ही कई अन्य फर्जी कंटेंट वाली रीलें, पोस्टें चलीं। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद की ओर बढ़े और बैरिकेड्स हटाते हुए आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान नारेबाजी और पथराव हुआ और स्थिति बिगड़ी। इधर मंगलवार को भी मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाने की कार्रवाई जारी रही। मस्जिद के आसपास के 500 मीटर क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी। आवाजाही रोक दी गई। सुबह 10 बजे बाद मीडिया को भी प्रतिबंधित कर दिया गया।

खड़े हनुमान मंदिर के प्रवेश द्वार पर हनुमान जी के फ्लैक्स से ढंकी प्रतिमा और सुरक्षा कवरिंग। -नईदुनिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार रविवार रात से ही मस्जिद में लोगों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार सुबह करीब आठ बजे कार्रवाई की सूचना फैलने के बाद भीड़ बढ़ती गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने देवास रोड सहित शहर के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी थी। एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक उज्जैन के बाहरी क्षेत्र से भी आए थे। यह शहर में आकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। अब तक 15 आरोपितों को हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस के अनुसार साजिद निवासी पटवा बाखल ने सोमवार सुबह अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो बनाकर अपलोड किया। इसमें उसने कहा कि पुलिस जेसीबी लेकर आ चुकी है और शाही मस्जिद के पास सभी लोग जल्द पहुंचें। इसी तरह इमरान निवासी मोचीवाड़ा और गुलरेज खान के इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी रील और वीडियो पोस्ट किए गए। इसमें एआइ का उपयोग कर मनगढ़ंत कंटेंट और वीडियो बनाकर प्रसारित किए गए।
इसी तरह 27 सितंबर को इमरान खान ने इंस्टाग्राम पर अधिक से अधिक संख्या में लोगों से छत्री चौक पहुंचने को कहा था। वहीं आरोपित आरिफ पठान के इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रसारित वीडियो में रात दो बजे अधिक से अधिक लोगों से मस्जिद पहुंचने को कहा गया था। ये लोग रीलें भी प्रसारित कर रहे थे।
इसमें अयोध्या की बाबरी मस्जिद को उज्जैन की शाही मस्जिद से जोड़कर बताया जा रहा था। इन अफवाहों से उपद्रव की स्थिति बनी। पुलिस ने इंटरनेट मीडिया पर गलत संदेश और वीडियो प्रसारित करने के मामले में बीएनएस की धारा 196(1), 299, 353(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिसकर्मियों पर पथराव, शासकीय कार्य में बाधा, भीड़ को उकसाने, धमकी देने और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के मामले में कोतवाली, खाराकुआं व महाकाल पुलिस ने आठ केस दर्ज किए हैं। इनमें 30 से ज्यादा लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है।
शाही मस्जिद का हिस्सा तोड़े जाने के विरोध में सोमवार को उज्जैन पहुंचा आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के मप्र अध्यक्ष मोहसिन अली खान को नागझिरी पुलिस ने हिरासत में लिया था। मंगलवार को उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में मोहसिन ये कहते सुनाई दे रहा है कि जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा। वीडियो में मोहसिन ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मस्जिद का सौदा अपनी दुकानदारी बचाने के लिए किया है।
शाही मस्जिद का बाधित 10 फीट हिस्सा हटाने की कार्रवाई मंगलवार को भी जारी रही। काम शीघ्रता से अंजाम देने को मस्जिद कमेटी ने बांस-बल्ली का मचान बांधा। अफवाहों पर रोक लगाने और शांति व्यवस्था कायम रखने को पुलिस-प्रशासन ने मस्जिद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर दिनभर सख्त बैरिकेडिंग लगाए रखी और क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रखा। सुरक्षा के उद्देश्य से मीडिया कर्मियों सहित आम जनता की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए आसपास के बाज़ार बंद रहे। कंठाल, गोपाल मंदिर, सती गेट मार्ग और छत्री चौक क्षेत्र की दुकानें दिनभर बंद रखी गईं। वहीं पास में ही स्थित खड़े हनुमान मंदिर के मुख्य द्वार पर हनुमान जी का बड़ा फ्लैक्स लगाकर मूर्ति को ढका गया और वहां भी श्रद्धालुओं व आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रखा गया। पुलिस-प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि सुरक्षा कारणों से क्षेत्र से जुड़ा कोई नया वीडियो या फोटो सार्वजनिक न हो सके।
मार्ग चौड़ा करने के लिए मस्जिद के 10 फीट बाधक हिस्से को हटाने के लिए मस्जिद प्रबंध कमेटी ने सड़क किनारे मस्जिद भवन में बनी सभी दुकानें खाली करवा ली। सभी किरायेदारों ने बिना किसी आपत्ति के शांति से दुकानें खाली कर ली।
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