
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन । दुनिया की पहली डिजिटल वैदिक घड़ी के तैयार मोबाइल एप की लांचिंग (लोकार्पण) एक बार फिर टल गया है। विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने ‘नईदुनिया’ से कहा है कि डिजिटल वैदिक घड़ी मोबाइल एप की लांचिंग अब चुनाव आचार संहिता के बाद ही हो पाएगी। पहले 8 मार्च को होना थी मगर साइबर अटैक की वजह से नहीं हो पाई थी।
बाद में गुड़ी पड़वा 9 अप्रैल को लांचिंग की उम्मीद थी मगर अब इसे चुनाव आचार संहिता के बाद ही लांच करेंगे। मोबाइल एप में कुछ नए फीचर्स जोड़े हैं। वैदिक घड़ी की सूचनाओं को हिंदी, अंग्रेजी के साथ तमिल, मराठी, कन्नड़, असमिया, जर्मनी, स्पेनिशिष सहित तमाम भाषाओं में पढ़-देख पाने की व्यवस्था भी की गई है।
मालूम हो कि उज्जैन में स्थापित विश्व की पहली वैदिक घड़ी का लोकार्पण 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअली रिमोट का बटन दबाकर किया था। इस वैदिक घड़ी की स्थापना जंतर-मंतर यानी जीवाजी वेधशाला परिसर में नगर निगम द्वारा बनाए 82 फीट ऊंचे टावर पर की गई।
घड़ी, विक्रमादित्य पंचांग, 30 मुहूर्त के साथ वैदिक समय, भारतीय मानक समय, ग्रीनविच मीन टाइम बताती है। सूर्याेदय, सूर्यास्त के समय से लेकर सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, तापमान की जानकारी भी देती है। इसके बैकग्राउंड में देश के खूबसूरत पर्यटन स्थलों की तस्वीर देखने मिल रही है।
टावर पर अगले चरण में टेलिस्कोप स्थापित करने, टावर के कक्षों काे खगोल विज्ञान आधारित संग्रहालय, लाइब्रेरी के रूप में स्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। वैदिक घड़ी मोबाइल में देखी जा सके, इसके लिए मोबाइल एप बनकर तैयार है। इसे साइबर अटैक से मुक्त रखने के बेहतर प्रयास इस बार किए गए हैं।