
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। जिले में वन्यजीवों की मौजूदगी के बीच ग्रामीणों की जान पर खतरा बना हुआ है। ताजा मामला बकेली गांव का है, जहां धान के खेत में घात लगाकर बैठे बाघ ने एक युवक पर पीछे से जानलेवा हमला कर दिया।
हमले में युवक के दोनों हाथों, कंधे और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि, युवक ने शोर मचाकर किसी तरह अपनी जान बचाई। घायल को जिला चिकित्सालय उमरिया में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, बकेली उमरिया निवासी हेतराम बैगा (35), पिता गोजा बैगा, मंगलवार सुबह करीब 8 बजे अपने एक साथी के साथ धान की फसल देखने खेत गया था। दोनों खेत की मेड़ से गुजर रहे थे।
धान की फसल के बीच घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक पीछे से हेतराम पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से युवक संभल नहीं पाया और बाघ ने उसे बुरी तरह घायल कर दिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, हमला होते ही युवक का साथी घबराकर वहां से भाग निकला और पास के तालाब में कूद गया। वहीं, बाघ के हमले का शिकार हुए हेतराम ने हिम्मत नहीं हारी।
वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। शोर सुनकर बाघ उसे छोड़कर वहां से भाग गया। इस तरह युवक की जान बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इसके बाद घायल युवक को बिना देर किए जिला चिकित्सालय उमरिया ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
घायल के परिजनों का कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण किसान खेतों में जाने से भी डरने लगे हैं। धान की फसल तैयार है, लेकिन उसकी देखरेख और खेती-किसानी करना जोखिम भरा हो गया है।
परिवार का सवाल है कि यदि किसान अपनी फसल की देखभाल करने खेत नहीं जाएंगे, तो परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा? ग्रामीणों ने वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की जरूरत जताई है।
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