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Elephant Festival : उमरिया में बांधवगढ़ के सभी हाथी लेंगे पांच दिनों तक पार्टी का आनंद

स्नान कराने के बाद सरसों के तेल से मालिश की जाएगी और उन्हें चंदन, सिंदूर और हल्दी से सजाया जाएगा। उनकी सेहत का ख्याल रखने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण भी ...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 07:05:56 PM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 07:05:56 PM (IST)
Elephant Festival : उमरिया में बांधवगढ़ के सभी हाथी लेंगे पांच दिनों तक पार्टी का आनंद
पिछले साल आयोजित हुए हाथी महोत्सव में कुछ इस तरह मनाया महोत्‍सव। फाइल

HighLights

  1. ताला में नहीं इस बार परासी में होगा हाथी महोत्सव
  2. बांधवगढ़ के कोर की जगह धमोखर बफर में है
  3. एक सप्ताह की जगह सिर्फ का आयोजन

नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। सितम्बर के दूसरे पखवाड़े के समाप्त होते ही आखिर बांधवगढ़ के हाथियों के उत्सव की तारीख घोषित कर दी गई है। इस बार हाथी महोत्सव को लेकर दो बड़े परिवर्तन किए गए हैं। एक तो स्थान में बदलाव किया गया है और दूसरा महोत्सव की अवधि भी कम कर दी गई है।

बांधवगढ़ के कोर ताला गेट के रामा हाथी कैंप में होता था

पहले हाथी महोत्सव का आयोजन बांधवगढ़ के कोर ताला गेट के रामा हाथी कैंप में होता था लेकिन इस बार यह आयोजन ग्राम परासी के निकट धमोखबर बफर गेट में होगा। पहले यह आयोजन एक सप्ताह का हुआ करता था लेकिन इस बार इसे सिर्फ पांच दिनों के लिए किया जा रहा है। यह पांच दिवसीय आयोजन 24 से 28 सितंबर तक होगा और आयोजन को लेकर वन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।


पांच दिनों तक होगी सेवा

हाथी महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के सभी हाथी परासी गेट के नजदीक मौजूद रहेंगे। हाथी महोत्सव के दौरान सभी जंगली हाथियों की जमकर सेवा की जाएगी। उन्हें खाने के लिए न सिर्फ फल दिए जाएंगे बल्कि आटा, गुड़, नारियल के मोटे रोट बनाए जाएंगे। उनकी सेवा की जाएगी।

मेले से आया, कोई रेस्क्यू करके पहुंचाया गया

किसी हाथी को बिहार के मेले से खरीद कर लाया गया है, तो कोई यहां रेस्क्यू करके पहुंचाया गया है। जबकि किसी का यहां जन्म हुआ है। इन सब हाथियों की अलग-अलग कहानी है जो आनंद से साराबोर कर देती है।

महोत्सव यानी पांच दिन की छुट्टी

हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों से कोई काम नहीं लिया जाएगा। सुबह उन्हें नहलाने के बाद चंदन लगाया जाएगा और तेल से मालिश की जाएगी। पशु चिकित्सकों की विशेष टीम हाथियों के स्वास्थ्य की जांच करेगी। इसके साथ ही उनके खान-पान का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

केला, गन्ना, नारियल और रोटी सहित उनका पसंदीदा भोजन

हाथियों के लिए केला, गन्ना, नारियल और रोटी सहित उनका पसंदीदा भोजन तैयार किया जाएगा। पूरे दिन उन्हें काम से दूर रखकर जंगल में घूमने और आराम करने का अवसर दिया जाएगा। इस दौरान वन अमला उनके स्वास्थ्य और गतिविधियों पर नजर रखेगा।

बफर में चालू है पर्यटन

इस बार आयोजन स्थल बदलने के पीछे एक उद्देश्य धमोखर बफर क्षेत्र के पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी इससे जोड़ना है। परासी गेट से नियमित सफारी संचालित होती है। ऐसे में यहां आयोजित होने वाली पिकनिक के जरिए लोगों को हाथियों के व्यवहार, देखभाल और संरक्षण के बारे में जानकारी मिलेगी।

मानव-हाथी सहअस्तित्व का संदेश देने का माध्यम भी

बांधवगढ़ में जंगली हाथियों की गांवों की ओर आवाजाही को देखते हुए प्रबंधन ग्रामीणों को भी जागरूक करता है। ऐसे में यह आयोजन हाथियों की देखभाल के साथ उनके संरक्षण और मानव-हाथी सहअस्तित्व का संदेश देने का माध्यम भी बनेगा।

हाथी मैहर वन क्षेत्र में

क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि हाथी महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वर्तमान में बांधवगढ़ के हाथी मैहर वन क्षेत्र में चल रहे रेस्क्यू अभियान में लगे हुए हैं। सभी हाथियों के वापस लौटने के बाद 24 सितंबर से परासी गेट पर आयोजन शुरू होगा।

वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और रेस्क्यू कार्यों में किया जाता उपयोग

बांधवगढ़ में हाथियों का उपयोग वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और रेस्क्यू कार्यों में किया जाता है। दुर्गम जंगलों में जहां वाहन नहीं पहुंच पाते, वहां हाथियों की मदद से घायल या संकट में फंसे वन्यजीवों तक पहुंच बनाई जाती है।

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