
नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर जल्द ही उमरिया जिले का रंछा गांव एक नई पहचान बनाने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश के छह गांवों को एस्ट्रो विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें उमरिया जिले के रंछा गांव का चयन किया गया है। यहां पर्यटकों को शहरों के प्रकाश प्रदूषण से दूर खुले और अपेक्षाकृत शांत वातावरण में तारों भरी रात, ग्रह-नक्षत्र और आकाशगंगा को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।
दो साल पहले जब वर्ष 2024 नवम्बर में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला में एस्ट्रोनॉमी क्लब का गठन किया गया, तभी से यह गांव चर्चा में आ गया था। इस क्लब द्वारा नवम्बर 2024 की 25 तारीख को स्टार ग्रेजिंग इंडिया के सहयोग से विद्यालय प्रांगण में अंतरिक्ष का अवलोकन आधुनिक टेलिस्कोप की सहायता से किया गया।
यूं तो स्टार ग्रेजिंग इंडिया की टीम ग्राम रंछा में पिछले दो साल से यह काम कर रही है लेकिन परियोजना के तहत रंछा में आधुनिक टेलिस्कोप और दूरबीन, एस्ट्रो-फोटोग्राफी के लिए कैमरे, स्टार गेजिंग प्लेटफॉर्म और खगोलीय जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किए जाने की योजना है। इसके माध्यम से पर्यटकों को रात के समय आकाशीय घटनाओं और अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी को वैज्ञानिक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।
शिक्षक नागेन्द्र तिवारी के प्रयास से हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत तब जिला विज्ञान अधिकारी प्रदीप सिंह गहलोत के आनलाइन सम्बोधन से हुई थी। बच्चों ने जब आधुनिक टेलिस्कोप की सहायता से अंतरिक्ष में तैर रहे गुरू, शनि सहित चंद्रमा को देखा तो वे इस कदर रोमांचित हुए कि उनका मन टेलिस्कोप से दूर हटने का हो ही नहीं रहा था।
पर्यटन बोर्ड की इस पहल से रंछा गांव को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। खासतौर पर बांधवगढ़ आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए वन्यजीव पर्यटन के साथ एस्ट्रो टूरिज्म एक नया आकर्षण बन सकता है। कम रोशनी और प्राकृतिक वातावरण वाले ग्रामीण क्षेत्रों में रात के आकाश का अनुभव पर्यटकों के लिए अलग तरह का अनुभव साबित होगा।
परियोजना के तहत स्थानीय युवाओं को भी जोड़ा जाएगा। युवाओं को करीब 90 दिन का प्रशिक्षण देकर एस्ट्रो गाइड के रूप में तैयार किया जाएगा। ये गाइड पर्यटकों को तारों, ग्रहों, तारामंडलों और खगोलीय घटनाओं की जानकारी देंगे। इससे रंछा के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
पर्यटन विभाग की यह पहल यदि धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू होती है तो बांधवगढ़ के बाद रंछा उमरिया में रात के पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है। साथ ही गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इससे मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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