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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरवाही में की घोषणा, हाथियों के हमले में मौत पर भी मिलेगा 25 लाख रुपये मुआवजा

गुरवाही में मुख्यमंत्री के वक्तव्य के दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन विकास और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 04:54:53 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 04:54:53 PM (IST)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरवाही में की घोषणा, हाथियों के हमले में मौत पर भी मिलेगा 25 लाख रुपये मुआवजा
उमरिया के गुरवाही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वन्यजीवों के हमले से होने वाली जनहानि पर महत्वपूर्ण घोषणा करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव। सौजन्‍य जन संपर्क विभाग

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में हाथियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं
  2. सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
  3. वन्यजीवों के हमले से होने वाली जनहानि पर घोषणा

नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले के गुरवाही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वन्यजीवों के हमले से होने वाली जनहानि पर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब हाथियों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत होने पर भी पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री की इस घोषणा को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सौ साल से हाथी

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में हाथियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। लगभग सौ साल पहले भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हाथी पाए जाते थे। समय के साथ वन्यजीवों की गतिविधियों और उनके विचरण क्षेत्रों में बदलाव आया है।


आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक

हाथियों की आवाजाही के कारण कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति बनती है। ऐसे में वन्यजीवों के संरक्षण के साथ आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

पर्यटन में समृद्ध

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में लगातार समृद्ध हो रहा है। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, वन्यजीव और राष्ट्रीय उद्यान देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व जैसे विश्वविख्यात पर्यटन स्थल मध्य प्रदेश की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कर रहे हैं। वन्यजीव पर्यटन से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।

संरक्षण में आगे

मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में चीतों को लाने के बाद अब जंगली भैंसों को भी लाने की दिशा में काम किया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की जैव विविधता को समृद्ध किया जाए और वन्यजीवों के संरक्षण को नई गति मिले।

ग्रामीणों को राहत

गुरवाही में मुख्यमंत्री के वक्तव्य के दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन विकास और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। हाथियों के हमले में मौत पर 25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा से प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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