
संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, उमरिया। बाघों के दीदार का तीन महीने से जारी इंतजार गुरूवार को खत्म हो जाएगा। एक अक्टूबर गुरुवार से मध्य प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे।
बाघों के दीदार के लिए पर्यटक कितनी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे इसे इस तरह समझा जा सकता है कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व में सात हजार से ज्यादा पर्यटक पहले दिन बाघों के दीदार के लिए बुकिंग करा चुके हैं।
पहले के बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्न, सतपुड़ा, संजय धुबरी टाइगर रिजर्व में यह संख्या पांच हजार से ज्यादा होगी। इतना ही नहीं दशहरा और दीपावली के अवकाश के कारण इस बार पहले पखवाड़े की बुकिंग लगभग फुल हो चुकी है। खासतौर से बांधवगढ़, कान्हा, पेंच और पन्ना में तो इस पूरे महीने में टिकट मिल पाना अब आसान नहीं होगा।
किसी भी शुल्क पर बाघ देखने के लिए बेकरार पर्यटक टाइगर रिजर्व में पहुंचना शुरू भी हो गए हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र के होटल बुक हो गए हैं और कई जगह पर्यटक पहले से आकर रुक गए हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कई रिसोर्ट में मंगलवार की दोपहर से ही पर्यटक पहुंचने लगे थे।
बुधवार की शाम तक तो सभी होटलों में पर्यटक पहुंच गए और शाम को टिकट के लिए काउंटर पर भी पर्यटकों की भीड़ लग गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डा अनुपम सहाय ने बताया कि पहले दिन गेट पर पर्यटकों का स्वागत किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को बाघ दिखने की पूरी गारंटी रहती है और यही कारण है कि यहां बाघ देखने सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। मध्यप्रदेश के टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या ज्यादा होने के कारण पर्यटक यहां आना पसन्द करते हैं।
मध्य प्रदेश में बाघों की संख्या 785 है। यह संख्या देश में बाघों की सर्वाधिक संख्या है। मध्य प्रदेश में भी बांधगवढ़ टागर रिजर्व सर्वाधिक 165 हैं।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में टिकट काउंटर और सफारी के समय का निर्धारण किया गया है। नए पर्यटन सत्र में टिकट काउंटर सुबह साढे पांच बजे से साढ़े सात बजे तक खुलेगा। दोपहर में टिकट काउंटर डेढ़ बजे से शाम चार बजे तक खोला जाएगा। जबकि शाम को टिकट काउंटर खुलने का समय साढ़े छह बजे से पौने आठ बजे तक होगा।
पहली पाली की सफारी सुबह छह बजे शुरू होगी जो साढ़े ग्यारह बजे तक जारी रहेगी। जबकि दूसरी पाली की सफारी दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक कराई जाएगी। यह समय कोर और बफर दोनों के लिए ही तय किया गया है।
वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नए सत्र में नियमों को लेकर सख्ती भी बरती जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब पर्यटक पार्क के अंदर मोबाइल का उपयोग नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपना मोबाइल पर्यटन वाहन के बाक्स में रखना होगा। बघीरा ऐप के संचालन पर भी खास नजर रखी जाएगी ताकि पर्यटक वाहनों से वन्यजीवों को परेशान होने से बचाया जा सके।