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एमपी के टाइगर रिजर्व में पर्यटन का नया रिकॉर्ड, इस सीजन पहुंचे 10 लाख से ज्यादा सैलानी, 1 अक्टूबर से फिर खुलेंगे द्वार

प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में इस बार 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी कर बाघों और अन्य वन्यजीवों का दीदार किया है।

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 29 Jun 2026 10:20:02 PM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2026 10:20:02 PM (IST)
एमपी के टाइगर रिजर्व में पर्यटन का नया रिकॉर्ड, इस सीजन पहुंचे 10 लाख से ज्यादा सैलानी, 1 अक्टूबर से फिर खुलेंगे द्वार
बांधवगढ़ में बाघ देखते पर्यटक।

HighLights

  1. एमपी में इस बार 10 लाख से ज्यादा पर्यटकों ने किया बाघों का दीदार
  2. मानसून के चलते क्यों बंद कर दिए जाते हैं टाइगर नेशनल पार्क?
  3. बांधवगढ़ के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय ने बताई बड़ी वजह

नईदुनिया प्रतिनिधि, उमरिया। मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्वों में इस पर्यटन सत्र में वन्यजीव प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में इस बार 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी कर बाघों और अन्य वन्यजीवों का दीदार किया है। बांधवगढ़ में दो लाख से ज्यादा पर्यटकों ने बाघों के दीदार किए हैं। जबकि मध्यप्रदेश के छह टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और संजय धुबरी में इस साल आठ लाख से ज्यादा पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी मिली है।

इसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या एक लाख से ज्यादा रही है। पर्यटन सत्र के अंतिम दिन 30 जून को शाम की सफारी के बाद प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र के द्वार पर्यटकों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही जंगल में तीन महीने का विश्राम काल शुरू हो जाएगा। अब पर्यटक एक अक्टूबर से एक बार फिर टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों का आनंद ले सकेंगे।


आराम करेंगे वनराज

बरसात के तीन महीने जुलाई, अगस्त और सितंबर के दौरान जंगल में वनराज यानी बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को शांत वातावरण मिलेगा। इस अवधि में टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा जंगल के अंदर विभिन्न विकास और संरक्षण कार्य किए जाएंगे। सफारी मार्गों की मरम्मत, पर्यटकों की सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जाएगी।

विश्राम अवधि वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दौरान जंगल में मानवीय दखल कम होने से वन्यजीव अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे।

बफर में जारी रहेगा पर्यटन

हालांकि पर्यटकों के लिए पूरी तरह से जंगल बंद नहीं रहेगा। टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां जारी रहेंगी। पर्यटक बारिश के मौसम में हरियाली से भरपूर जंगल, झरनों और वन्यजीवों की गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे।

वन विभाग का मानना है कि इस बार बड़ी संख्या में पर्यटकों का पहुंचना प्रदेश के टाइगर रिजर्व की बढ़ती लोकप्रियता और बाघ संरक्षण की सफलता को दर्शाता है। अक्टूबर में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ एक बार फिर देश-विदेश से पर्यटक मध्य प्रदेश के जंगलों की ओर रुख करेंगे।

इसलिए बंद होते हैं पार्क

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुमपन सहाय ने बताया कि वर्षाकाल में सुरक्षा की द्ष्टि से पार्क बंद किए जाते हैं। वर्षाकाल में जंगल के अंदर के कच्चे रास्तों में वाहनों के फंसने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। वहीं दूसरी तरफ वन्य प्राणी भी अधिक हिंसक हो जाते हैं। यही कारण है कि वर्षाकाल में जंगल के अंदर पर्यटन रोक दिया जाता है।

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मुश्किल भरे दिन

पार्क बंद होने के बाद जंगल और पर्यटन पर निर्भर रहने वाले प्रदेश के लगभग बीस हजार परिवारों का तीन महीना बड़ी मशक्कत से गुजरता है। हालांकि यह तीन महीने वन्य प्राणियों के लिए बड़े ही सुकून भरे होते हैं। जंगल में वाहनों और लोगों की आवाजाही रुकने से वन्य प्राणी स्वच्छंद होकर विचरण कर पाते हैं।