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बांधवगढ़ में अचानकमार बाघ गलियारे के पास ओपन कास्ट खदान की स्‍वीकृति पर सवाल

मरवाटोला-VII कोल ब्लॉक का कुल क्षेत्र 1200.000 हेक्टेयर है, जिसमें से आधे क्षेत्र पर ओपन कास्ट ओर आधे पर अंडरग्राउंड खदान खुलेगी।

By SanjayKumar SharmaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 04:59:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 04:59:02 PM (IST)
बांधवगढ़ में अचानकमार बाघ गलियारे के पास ओपन कास्ट खदान की स्‍वीकृति पर सवाल
कारीडोर के पास कोयले के सर्वे के दौरान की तस्वीर। फाइल

HighLights

  1. चार को पर्यावरणीय स्वीकृति मिली
  2. वन्यप्राणियों का आवागमन होगा प्रभवित
  3. 35 से ज्यादा गांव भी होंगे प्रभावित

संजय कुमार शर्मा, नईदुनिया, उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाला बांधवगढ़-अचानकमार वन्यजीव कॉरिडोर में नीलामी प्रक्रिया के तहत पाली तहसील मे कुल 10 कोयला खदानें स्वीकृत की गई हैं। इनमें शाहपुर वेस्ट, अर्जुनी वेस्ट, अर्जुनी ईस्ट, पथौरा पूर्वी, पथौरा पश्चिमी, मरवाटोला-6, मरवाटोला-7 सहित अन्य कोल ब्लाक शामिल हैं।

खदानें अंडरग्राउंड हाेने गांवों को विस्थापित नहीं किया जाएगा

इन खदानों का कुल क्षेत्रफल 10,387.165 हेक्टेयर है, जो लगभग 25000 एकड़ होता है। खदान क्षेत्र के 35 गांव भी इससे प्रभावित होंगे। हालांकि एक खदान के आधे हिस्से को छोड़कर बाकी की खदानें अंडरग्राउंड हाेने गांवों को विस्थापित नहीं किया जाएगा।


वन्यजीवों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण

करीब तीन किलोमीटर चौड़ा यह वन क्षेत्र बाघों सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी कॉरिडोर के आसपास कोयला खनन परियोजनाओं को मिल रही मंजूरियों से वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

कारीडोर से 53 मीटर की दूरी पर खदान

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कॉरिडोर के आसपास चार कोयला परियोजनाओं को पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति से मंजूरी मिली है। इनमें मरवाटोला VII कोल ब्लॉक कॉरिडोर से महज करीब 53 मीटर दूर बताया गया है। यहां ओपनकास्ट और भूमिगत दोनों तरह के खनन का प्रस्ताव है।

बाघ परिदृश्य में कनेक्टिविटी बनाए रखने में महत्वपूर्ण

पाथोरा ईस्ट अंडरग्राउंड ब्लॉक करीब 1.5 किलोमीटर, अर्जुनी वेस्ट कोल ब्लॉक करीब 3.9 किलोमीटर और वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) माइन छह किलोमीटर से कुछ अधिक दूरी पर है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह कॉरिडोर मध्य भारत के बड़े बाघ परिदृश्य में कनेक्टिविटी बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।

कान्हा-पेंच परिदृश्य के बीच वन्यजीवों की आवाजाही संभव

इसके माध्यम से बांधवगढ़-संजय-डुबरी क्षेत्र और कान्हा-पेंच परिदृश्य के बीच वन्यजीवों की आवाजाही संभव होती है। बाघों के आवागमन से अलग-अलग आबादियों के बीच आनुवंशिक आदान-प्रदान भी होता है।

कारीडोर की सुरक्षा जरूरी

टाइगर कॉरिडोर बहुत ज़रूरी हैं क्योंकि इससे जैव-विविधता बनाए रखने, बाघों की आबादी को आपस में प्रजनन करने और जीव-जंतुओं व वनस्पतियों की प्रजातियों की आवाजाही में मदद होती है। कारीडोर वन्यजीवों को एक आवास से दूसरे आवासों तक पहुंच प्रदान करते हैं। प्रजातियों को मुश्किल इलाकों को पार करने में सक्षम बनाते हैं और उनके दायरे को बढ़ाते हैं। इसलिए कारीडोर की सुरक्षा बेहद आवश्यक है।

2014 की रिपोर्ट महत्वपूर्ण

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) द्वारा वाइल्डलाइफ़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (ब्ल्यूआईआई) के सहयोग से 2014 में प्रकाशित दस्तावेज़ रिपोर्ट ''कनेक्टिंग टाइगर पॉपुलेशन्स फ़ॉर लॉन्ग-टर्म कंजर्वेशन'' (लंबे समय तक संरक्षण के लिए बाघों की आबादी को जोड़ना) के अनुसार, "बांधवगढ़-अचानकमार कॉरिडोर दो बहुत महत्वपूर्ण उप-परिदृश्यों (सब-लैंडस्केप) को जोड़ता है।

प्रकृति के साथ सीधे छेड़छाड़ करने जैसा

इसी तरह बांधवगढ़ के माध्यम से कान्हा-पेंच (बाघ) आबादी को बांधवगढ़-संजय-दुबरी आबादी से भी जोड़ता है। इस रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए कारीडोर के इतने नजदीक कोयला खदानों को स्वीकृति प्रदान किया जाना प्रकृति के साथ सीधे छेड़छाड़ करने जैसा है।

वन और पर्यावरणीय स्वीकृति मिली

रामा सीमेंट इंडस्ट्रीज प्रा. लि. मरवाटोला-VII कोल ब्लॉक के प्रबंधक अजीत सोढ़ा ने बताया कि खदान बाघ गलियारे के बाहर है और भारत सरकार ने ही खदान की सीमाएं तय की है। नियम के अनुसार पर्यावरणीय स्वीकृति भी खदान को मिल गई है। वन विभाग ने भी अपनी एनओसी प्रदान कर दी है।

कंपनी, खदान का रकबा और प्रभावित गांव

  • सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड शाहपुर वेस्ट कोल ब्लाक- 619.000 हेक्टेयर - ग्राम शाहपुर, कुशमहाखुर्द, खम्हरिया खुर्द, कठौतिया और खमरिया कला
  • गंगा खनिज प्रायवेट लिमिटेड- अर्जुनी वेस्ट कोल ब्लाक- 1112.906 हेक्टेयर- अर्जुनी, मझगंवा, धौरई, पतनार खुर्द और घुनघुटी रेंज
  • अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड- अर्जुनी पूर्वी कोल ब्लाक- 1044.819 हेक्टेयर- अर्जुनी, धौरई, बड़वाही, पहडि़या, और घुनघुटी रेंज
  • बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड (पथैरा पूर्व कोल ब्लॉक) – 1049.02 हेक्टेयर – पतनारकला, पतनारखुर्द एवं घुनघुटी रेंज।
  • बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड (पथैरा पश्चिमी कोल ब्लॉक) – 640.520 हेक्टेयर – मिडोरी, घुनघुटी, पतनारकला एवं घुनघुटी रेंज।
  • जे.एस.डब्ल्यू. सीमेंट लिमिटेड (मरवाटोला-VI कोल ब्लॉक) – 763.000 हेक्टेयर – शाहपुर, रेंगह, मालाचुआ, बंधवावारा, ब्लॉक पड़री एवं खोलखमहारा।
  • रामा सीमेंट इंडस्ट्रीज प्रा. लि. (मरवाटोला-VII कोल ब्लॉक) – 1200.000 हेक्टेयर – अमगवां, रेंगह, मालाचुआ एवं ओढ़ेरा।
  • जे.के. सीमेंट लिमिटेड 1481.190 हेक्टेयर भिमाडोंगरी, अमिलिहा, महरोई, बंधवाबुर्द, बरगांव, बंधवावारा, कराकचबहरा, चंदिया खुर्द एवं देवगांव
  • माइन वेयर एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड 1426.90 हे मालाचुआ, हसपुरा, कुशमहाखुर्द, कुशमहा कला, शाहपुर एवं ब्लॉक पड़री
  • सिंघल बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड 1049.810 हे बाघबलहरा, चांदपुर, मझगवां, पतनारकला एवं घुनघुटी

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