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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP में 35 हजार पैथोलॉजी लैब को राहत, संचालन को लेकर जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन

मध्य प्रदेश में संचालित 35 हजार पैथोलॉजी लैब जो बंद होने की कगार पर खड़ी थीं, अब उनके निर्बाध संचालन का रास्ता खुल सकता है। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्र...और पढ़ें

By SanjayKumar SharmaEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 03 Aug 2025 03:42:29 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 Aug 2025 03:42:29 PM (IST)
MP में 35 हजार पैथोलॉजी लैब को राहत, संचालन को लेकर जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन
MP में 35 हजार पैथोलॉजी लैब को राहत

संजय कुमार शर्मा, उमरिया। मध्य प्रदेश में संचालित 35 हजार पैथोलॉजी लैब जो बंद होने की कगार पर खड़ी थीं, अब उनके निर्बाध संचालन का रास्ता खुल सकता है। मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेश शुक्ला ने यह कहा कि मध्यप्रदेश में पैथोलॉजी के सहज संचालन लिए जल्द ही नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह बात उन्होंने मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन माल्टा के साथ लगातार हो रही चर्चा के बाद कही है। कई महीनों की चर्चा का नतीजा इस बारे में जानकारी देते हुए माल्टा के प्रदेश सचिव संजय श्रीवास्तव ने बताया कि माल्टा के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क और उनके निर्देश के बाद उनके भोपाल स्थित आवास में विभाग के अधिकारियों से पैथालाजी संचालन के नियमों को लेकर कई महीने चर्चा की।

एमपी की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी

चर्चा के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि अगर पैथोलॉजी लैब का संचालन सिर्फ पैथोलॉजिस्ट को ही करने का नियम लागू किया गया तो मध्यप्रदेश की 35 हजार लैब बंद हो जाएंगी, क्योंकि इतनी संख्या में प्रदेश में पैथोलॉजिस्ट नहीं। इस नियम की वजह से लैब टेक्नीशियन की पढ़ाई करने वाले युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन ही चला रहे लैब प्रदेश के सभी जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेक्नीशियन ही लैब का संचालन कर रहे हैं। कुछ जिलों में ही जिला मुख्यालय के अस्पतालों में पैथोलॉजिस्ट हैं जबकि कई जिलों में तो पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर भी नहीं है।


यह होगा फायदा

माल्टा ने यह सवाल भी उठाया था कि जब सरकारी अस्पतालों में टेक्नीशियन लैब को बेहतर ढंग से चला रहे हैं तो फिर किसी एक एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में पैथोलॉजी लैब का संचालन होने में क्या परेशानी होगी। माल्टा ने यह मांग भी रखी कि मध्यप्रदेश में पैथालाजी संचालन के नियमों में उदारता जरूरी है। प्रदेश में ज्यादातर लैब का संचालन एमबीबीएस डॉक्टर के मार्गदर्शन में लैब टेक्नीशियन द्वारा किया जाता है, जो आगे भी जारी रह सकेगा। पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले उन हजारों छात्रों के सामने से संशय की स्थिति समाप्त हो जाएगी जो लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर रहे हैं। ग्रामीण स्तरों तक निजी पैथालाजी लैब खोलना संभव हो सकेगा।

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